21 दिन में 15,273 मरीजों का मुफ्त इलाज, 925 से ज्यादा सर्जरी

 


सूरजपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर 16 अगस्त से शुरू हुआ लाइफलाइन एक्सप्रेस का 21 दिवसीय स्वास्थ्य अभियान 5 सितंबर को पूरा हो गया। इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस के जरिए जिले के दूर-दराज और जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई गईं। अभियान के दौरान कुल 15,273 मरीजों का पंजीयन हुआ। आज रविवार को अभियान के आंकड़े सामने आने के बाद इसे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अभियान के दौरान 6,934 लोगों का आउटरीच पंजीयन और 8,339 मरीजों का ओपीडी पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य विभाग और लाइफलाइन एक्सप्रेस की टीम ने 4,000 से अधिक घरों का भ्रमण कर जरूरतमंद मरीजों की पहचान की और उन्हें उपचार के लिए शिविर तक पहुंचाया।

लाइफलाइन एक्सप्रेस में 4,458 मरीजों का नेत्र परीक्षण, 1,454 मरीजों का ईएनटी परीक्षण, 422 मरीजों की स्त्री रोग संबंधी जांच, 263 मरीजों की हड्डी संबंधी जांच और 176 मरीजों का प्लास्टिक सर्जरी के लिए पंजीयन किया गया। इसके अलावा 7,009 लोगों की ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की जांच भी की गई।

अभियान के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 675 नेत्र सर्जरी, 79 कान की सर्जरी, 23 ऑर्थोपेडिक सर्जरी और 41 प्लास्टिक सर्जरी की। इसके अलावा 107 पैप-स्मियर बायोप्सी प्रक्रियाएं भी की गईं। इस तरह 925 से अधिक प्रमुख सर्जिकल प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

लाइफलाइन एक्सप्रेस के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 2,829 चश्मे और सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें 609 रीडिंग ग्लासेस, 1,834 दूरी के बाइफोकल चश्मे और 386 ऑर्थोसिस उपकरण शामिल हैं। ऑर्थोसिस उपकरण 177 मरीजों के लिए उपलब्ध कराए गए।

बारिश के बावजूद पहुंचे मरीज

अभियान के दौरान जिले में बारिश और खेती-किसानी का व्यस्त समय होने के बावजूद बड़ी संख्या में मरीज बिश्रामपुर पहुंचे। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पंचायत स्तर के अमले ने गांव-गांव जाकर लोगों को अभियान की जानकारी दी और मरीजों को जांच व उपचार के लिए प्रेरित किया।

समापन कार्यक्रम में कलेक्टर रेना जमील ने लाइफलाइन एक्सप्रेस की टीम, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता सामूहिक प्रयास का परिणाम है। दूर-दराज के लोगों को उनके क्षेत्र के नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सा और सर्जरी की सुविधा मिलना इस अभियान की बड़ी उपलब्धि रही।

जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, सीएमएचओ कपिल देव पैकरा, डॉ. रोहिणी चौगले, विजयराज अग्रवाल सहित अन्य लोग इस अवसर पर मौजूद रहे।

1991 में शुरू हुई थी लाइफलाइन एक्सप्रेस

लाइफलाइन एक्सप्रेस की शुरुआत 16 जुलाई 1991 को हुई थी। इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन, भारतीय रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सहयोगी संस्थानों के सहयोग से संचालित यह पहल दूर-दराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से काम करती है। सूरजपुर में आयोजित अभियान इसका 256वां प्रोजेक्ट था।

लाइफलाइन एक्सप्रेस में ऑपरेशन थिएटर, रिकवरी रूम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों व प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा उपलब्ध रही। 21 दिनों के अभियान में जांच, उपचार, सर्जरी, चश्मे और सहायक उपकरणों की सुविधा मिलने से जिले के हजारों लोगों को लाभ मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय