टेमलीपारा में तेंदुए का खूनी हमला, बड़ी बहन की बहादुरी से बची महिला की जान
पानी भर रही 45 वर्षीय शांति मरकाम को तेंदुए ने किया घायल, सिर और गले के पास चोटें
धमतरी, 28 अक्टूबर (हि.स.)। धमतरी जिले के नगरी-सिहावा वनांचल में वन्यप्राणियों की मौजूदगी के बीच तेंदुए के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत बासपानी के आश्रित ग्राम टेमलीपारा में बुधवार शाम करीब 6 बजे पानी भर रही 45 वर्षीय शांति मरकाम पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया।
तेंदुआ महिला को घसीटकर ले जाने लगा, लेकिन इस दौरान उनकी बड़ी बहन कुमारी बाई ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शोर मचाया और तेंदुए की ओर दौड़ीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और एकजुट होकर शोर मचाने लगे। लोगों के सामूहिक प्रयास से तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इस तरह बड़ी बहन की बहादुरी और ग्रामीणों की तत्परता से शांति मरकाम की जान बच गई। हमले में महिला के सिर और गले के पास चोटें आई हैं, जबकि शरीर पर तेंदुए के नाखूनों से गहरे घाव हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद ग्रामीण उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी लेकर पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेमलीपारा गांव दुधावा बांध के किनारे पहाड़ की तलहटी में बसा है। गांव के चारों ओर पहाड़ी और घना जंगल होने के कारण यहां वन्यप्राणियों की आवाजाही बनी रहती है। घटना के समय ग्रामीण अपने घरों के सामने नल-जल योजना के तहत पानी भर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ की ओर से आया तेंदुआ बस्ती के पास पहुंचा और शांति मरकाम, पिता सोनसिंह, पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए ने महिला को पकड़कर घसीटना शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद लोग घबरा गए। इसी बीच शांति मरकाम की बड़ी बहन कुमारी बाई ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और मदद के लिए ग्रामीणों को पुकारा। उनके साहस से आसपास के लोगों का ध्यान घटना की ओर गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोर-जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। बीट गार्ड लोमेश साहू, डिप्टी रेंजर ऋषि कुमार मेश्राम सहित अन्य कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्य में सहयोग किया। इस दौरान पूर्व सरपंच रामसिंह, संग्राम जूरी, सहदेव वट्टी, विदेश नाग और देवचंद सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की तत्परता से घायल महिला को समय पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सका।
टेमलीपारा पहाड़ और जंगल से घिरा होने के कारण वन्यप्राणियों की आवाजाही वाला क्षेत्र है। हालांकि, घरों के सामने पानी भरने जैसी सामान्य गतिविधि के दौरान तेंदुए के हमले ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाएं और बच्चे भी पानी भरने तथा अन्य जरूरी कामों के लिए घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी उनके लिए खतरा बन सकती है। घटना के बाद लोगों में भय का माहौल है और शाम के समय बाहर निकलते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा