रविशंकर सागर जलाशय की बढ़ेगी उम्र, 65.5 करोड़ से होगा बड़ा उन्नयन
डैम सेफ्टी पर फोकस: गंगरेल बांध में आधुनिक तकनीकों से मरम्मत कार्य शुरू होंगे
धमतरी, 21 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के उन्नयन और सुरक्षा को लेकर राज्य शासन ने बड़ा फैसला लिया है। बांध की दीर्घकालिक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 65.5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत बांध में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए सफाई सहित कई आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों से बांध की आंतरिक संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ जल रिसाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण मिलेगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मंगलवार काे परियोजना को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा ऋतु से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी कर कार्य जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने और कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। वर्ष 1978 में निर्मित यह बहुउद्देशीय जलाशय पिछले लगभग 45 वर्षों से क्षेत्र के विकास की धुरी बना हुआ है। यह हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, औद्योगिक उपयोग और 11.2 मेगावाट विद्युत उत्पादन में अहम भूमिका निभा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ बांधों में जल रिसाव की समस्या स्वाभाविक होती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए उन्नत तकनीकों के साथ नियमित रखरखाव आवश्यक होता है। प्रस्तावित कार्यों से बांध की आयु में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि रविशंकर सागर जलाशय न केवल जिले, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार का जोखिम न रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा