कोरबा की बदहाल मूलभूत सुविधाओं पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
कोरबा, 18 जुलाई (हि. स.)। नगर पालिक निगम कोरबा के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने शनिवार काे शहर की बदहाल मूलभूत सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम शिकायत पत्र भेजते हुए निगम प्रशासन और महापौर के कार्यों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बिजली, पेयजल, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कृपाराम साहु ने कहा कि जिले की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है और निगम क्षेत्र के कई इलाकों में जलापूर्ति भी नियमित नहीं हो रही है। बालको-रूमगढ़ा मार्ग सहित शहर की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में भी कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं, जबकि वर्षों से शहरवासी सिटी बस सेवा से भी वंचित हैं।
उन्होंने सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बालको, दर्री, कुसमुंडा सहित शहर के अधिकांश वार्डों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वच्छता के नाम पर उपलब्धियों का दावा किया जा रहा है, जबकि कई वार्डों में गंदगी की स्थिति साफ दिखाई देती है।
नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में महापौर द्वारा 16 माह के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने वाली प्रेस वार्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि 67 वार्डों में 537 करोड़ रुपये के 534 विकास कार्य स्वीकृत होने की जानकारी दी गई, लेकिन यह नहीं बताया गया कि इनमें से कितने कार्य पूर्ण हुए और जनता को उनका वास्तविक लाभ कितना मिला।
उन्होंने महापौर के चुनावी वादे का भी जिक्र करते हुए कहा कि निधन होने पर अंतिम संस्कार के लिए दो क्विंटल लकड़ी उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। उन्होंने पूछा कि पिछले 16 महीनों में इस योजना का लाभ कितने परिवारों को मिला है।
बालको-रूमगढ़ा सड़क की जर्जर स्थिति पर कृपाराम साहु ने कहा कि इस मार्ग का सबसे अधिक उपयोग बालको प्रबंधन करता है, इसलिए सड़क निर्माण की जिम्मेदारी भी उसी की होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सड़क का निर्माण होना है तो वह जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से क्यों कराया जा रहा है, जबकि इसकी जिम्मेदारी बालको प्रबंधन को उठानी चाहिए।
कृपाराम साहु ने कहा कि महापौर भले ही अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास और नागरिक सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि सत्ता पक्ष के कई पार्षद भी सड़क, पेयजल, बिजली, सफाई, स्कूल, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक मंच और तालाब जैसे जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने की बात करते हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से शहर की मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी