कोरबा में रजिस्ट्री के साथ हुआ जमीन का नामांतरण, मोहित बत्रा को दफ्तरों के चक्कर से मिली राहत

 


कोरबा, 26 सितंबर (हि. स.)। जमीन या संपत्ति खरीदने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया अब नागरिकों के लिए आसान हो रही है। छत्तीसगढ़ में संचालित सेवा संकल्प स्वतः नामांतरण योजना के तहत जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ हो जाती है। इससे नागरिकों को पटवारी कार्यालय सहित अन्य दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिल रही है। साथ ही डिजिटल बी-वन और ई-बी-वन जैसे आवश्यक दस्तावेज भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

कोरबा के गीता वैली निवासी मोहित बत्रा ने प्लॉट खरीदा। संपत्ति खरीदने के बाद उन्हें नामांतरण की प्रक्रिया को लेकर चिंता थी कि कहीं इसके लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हालांकि, स्वतः नामांतरण योजना के तहत उनका नामांतरण आसानी से हो गया। मोहित बत्रा ने बताया कि नामांतरण के लिए उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। डिजिटल बी-वन सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी उन्हें आसानी से प्राप्त हो गए।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था ने जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी सरल और सुविधाजनक बना दिया है। रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से नागरिकों का समय और श्रम बच रहा है तथा अनावश्यक कार्यालयीन प्रक्रियाओं से भी राहत मिल रही है।

सेवा संकल्प स्वतः नामांतरण योजना के माध्यम से राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। मोहित बत्रा का अनुभव इस व्यवस्था से होने वाले बदलाव को सामने लाता है। जहां पहले जमीन के नामांतरण को लेकर कार्यालयों के चक्कर लगाने की चिंता रहती थी, वहीं अब रजिस्ट्री के साथ ही प्रक्रिया स्वतः शुरू होने से नागरिकों को सुविधा मिल रही है। यह योजना जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया को अधिक सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी