तमनार बायपास के लिए छह गांवों की 27 हेक्टेयर जमीन का होगा अर्जन
रायगढ़ , 05 अगस्त (हि.स.)। रायगढ़ जिले के तमनार में बायपास बनाने के लिए सरकार की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने तेजी से काम प्रारंभ किया है। जमीनों का चिह्नांकन करते हुए प्रभावित भूमि की जानकारी भी तैयार कर ली है। छह गांवों की करीब 27 हेक्टेयर भूमि इससे प्रभावित होने वाली है जिसमें से करीब ढाई हेक्टेयर . सरकारी है। कोयला खदानों से घिरे तमनार को एक बायपास रोड की बहुत ज्यादा जरूरत है। ऐसी रोड जिस पर से कोयले का परिवहन भी हो और स्थानीयों के लिए सुगम यातायात की सुविधा भी मिले। जेपीएल, जेएसपीएल, हिंडाल्को, सारडा एनर्जी, सीएसपीजीसीएल, महाजेंको, अंबुजा सीमेंट्स आदि कंपनियों का कोयला ट्रेलरों के जरिए ही गंतव्य तक पहुंचाया जाता है।
स्थानीय प्लांटों को भी यहां की खदानों से कोयला पहुंचता है। डीएमएफ में सबसे ज्यादा राशि तमनार क्षेत्र से ही आती है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने तमनार में बायपास प्रोजेक्ट की जरूरत बताते हुए सरकार से इसकी मांग की थी। सरकार ने मार्च 2026 में 8.50 किमी बायपास रोड के लिए 152 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। पीडब्ल्यूडी ने बायपास के लिए एलाइनमेंट फाइनल करते हुए प्रभावित भूमि को भी चिह्नित कर लिया है। रेखीय परियोजना होने की वजह से बहुत ज्यादा भूमि की आवश्यकता नहीं होती। गोढ़ी, तमनार, महलोई, बुडिय़ा, झिंकाबहाल और टिहली रामपुर के 171 किसानों की 26.656 हे. भूमि प्रभावित हो रही है। इसमें 2.603 हे. भूमि शासकीय भी है। अब पीडब्ल्यूडी मुआवजा व पुनर्वास की गणना के बाद भू-अर्जन करेगा।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज बताया है कि रायगढ़ शहर के चारों ओर रिंग रोड की तरह ही तमनार में भी बायपास का निर्माण होगा। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। अधिग्रहित जमीन के एवज में अनुमानित मुआवजा राशि करीब 56 करोड़ और पुनर्वास राशि करीब 7.60 करोड़ होगी। अभी सामाजिक समाघात की कार्यवाही चल रही है। इसके बाद धारा प्रकाशन होगा। रोड पर 2 बड़े पुल, 4 लघु पुल, रिटेनिंग वॉल, का निर्माण भी होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान