नशा मुक्त युवा अभियान के तहत केटीयू में दिलाई गई शपथ, विश्वविद्यालय परिसर को बनाया जाएगा नशामुक्त

 


रायपुर, 2 अगस्त (हि. स.)। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में रविवार को 'नशा मुक्त युवा अभियान' के तहत नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने युवाओं से अनुशासित जीवन, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध पंक्ति, जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है का उल्लेख करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के विवेक, परिवार और भविष्य—तीनों को नष्ट कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का भी संयमित एवं सार्थक उपयोग करने की अपील की तथा विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त कैंपस बनाने की घोषणा की।

कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि, जीवन में किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले उसके आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों का आकलन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत क्षणिक सुख के लालच से होती है, लेकिन कब यह आदत लत में बदल जाती है, इसका एहसास नहीं हो पाता।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय, डॉ. नृपेन्द्र शर्मा, डॉ. राजेन्द्र मोहंती सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान देने और स्वयं नशे से दूर रहने की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डॉ. शैलेन्द्र खंडेलवाल ने किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर