मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर कोटवारों ने लगाए नारे , समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

 


धमतरी, 03 जुलाई (हि.स.)। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की तहसील शाखा धमतरी ने आज शुक्रवार को मानदेय बढ़ोतरी सहित अन्य मांग को लेकर गांधी चौक में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के कोटवारों की वर्षों से लंबित मांगों और ज्वलंत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

संघ के अध्यक्ष कोमल सिंह, सचिव कमलेश नागरची, कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार ने बताया कि प्रदेश के कोटवार लंबे समय से शासन-प्रशासन और आम जनता की सेवा करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल पाया है। अल्प पारिश्रमिक में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है तथा सेवा समाप्ति, मृत्यु या सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं से भी वे वंचित हैं। इससे कोटवारों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय का भी उल्लेख किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों में लंबे समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इसी आधार पर कोटवारों ने राजस्व विभाग में संविलियन कर नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही वर्तमान पारिश्रमिक में वृद्धि करते हुए ए श्रेणी के कोटवारों को 15 हजार रुपये, बी श्रेणी को 12 हजार रुपये, सी श्रेणी को 10 हजार रुपये तथा डी श्रेणी को 8 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान करने की मांग रखी गई। संघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कोटवारों की नियुक्ति में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दिए जाने के प्रावधान के बावजूद कई स्थानों पर मनमानी कर गैर-वंशजों की नियुक्ति की जा रही है। इससे प्रभावित परिवारों को न्याय के लिए न्यायालयों का सहारा लेना पड़ रहा है। संघ ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, परिवार के पात्र सदस्यों को प्राथमिकता देने तथा अनियमितता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि राजस्व अधिकारियों द्वारा कोटवारों से मूल दायित्वों के अतिरिक्त अन्य कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश इसके विपरीत हैं। संघ ने ऐसे अतिरिक्त कार्यों और कथित बेगार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा कोटवारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर बिना निष्पक्ष जांच और बिना उनका पक्ष सुने निलंबन या पदमुक्त करने जैसी कार्रवाई नहीं करने तथा नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग भी की गई। कोटवार एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर कोटवारों को सम्मानजनक सेवा शर्तें, उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराएगा।

धरना-प्रदर्शन में लंकेश्वरदास, दिलीप कुमार, रिसइबर नागारची, नेम कुमार नागारची, टोमन अंगारे, कृष्णा नागारची, लोकेश्वर, गुरुदास, कौशल कुमार, सम्मलदास, खिलेन्द्र कुमार, माखन लाल, कुलदीप, सुरेश कुमार, महेंद्र कुमार, महेश कुमार नेवार, बलवंत मेश्राम सहित जिले के विभिन्न ग्रामों के बड़ी संख्या में कोटवार उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा