कोरबा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू, बल्क वेस्ट जनरेटरों को कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी
कोरबा, 24 अप्रैल (हि. स.)। शहरी और ग्रामीण निकाय क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू होने के बाद भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों और इकाइयों, जिन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर कहा जाता है, को अपने यहां उत्पन्न कचरे के समुचित प्रबंधन और निपटान की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी। इसके तहत संबंधित संस्थानों को अपने परिसर में कचरा प्रबंधन की आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होंगी।
नगर पालिक निगम कोरबा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय तिवारी ने शुक्रवार काे जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 27 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए नए दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुके हैं और शहरी निकायों के साथ-साथ ग्रामीण स्थानीय निकायों पर भी लागू होंगे। इसके अंतर्गत सरकारी, निजी, पीपीपी मॉडल की संस्थाएं, औद्योगिक क्षेत्र, विशेष आर्थिक जोन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, रक्षा प्रतिष्ठान, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल सहित सभी प्रकार के आवासीय, संस्थागत और वाणिज्यिक अपशिष्ट उत्पादक शामिल किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार, ऐसे संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है, प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी की खपत होती है या जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में सरकारी और निजी भवन, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, होटल, अस्पताल, मल्टीप्लेक्स, औद्योगिक इकाइयां, बाजार, स्टेडियम, सामुदायिक भवन, विवाह हॉल और पर्यटन स्थल आदि शामिल हैं।
नियमों के तहत कचरे के पृथक्करण और संग्रहण पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रत्येक संस्थान और सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले विक्रेताओं को अपने यहां उत्पन्न सूखा, गीला, सेनेटरी और अन्य प्रकार के कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, इन कचरों को निर्धारित स्थानों या अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही निस्तारित करना होगा। इसके लिए संबंधित निकायों द्वारा निर्धारित यूजर चार्ज भी जमा करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, 100 से अधिक लोगों के किसी भी आयोजन या समारोह के लिए आयोजकों को कम से कम तीन कार्य दिवस पहले स्थानीय निकाय को सूचना देना अनिवार्य किया गया है। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण हो और उसे निर्धारित एजेंसी को सौंपकर नियमानुसार निपटान किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी