शहर में कबीर जयंती पर निकली शोभायात्रा, अनुयायियों का दिखा उत्साह
धमतरी, 29 जून (हि.स.)। कवि और रहस्यवादी संत कबीर साहेब के प्राकट्य दिवस के अवसर पर मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा सोमवार को शहर में धूमधाम से कबीर जयंती मनाई गई। कबीर वाणी के भजनों के साथ भक्तों ने शोभायात्रा निकाली।
बच्चों ने सफेद झंडा लेकर, बुजुर्ग व युवा कबीर वाणी को भजनों में पिरोकर और महिलाओं ने सिर में कलश लेकर शहर में शोभायात्रा निकाली। जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंची।
जयंती के अवसर पर मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा स्थानीय महावर समाज भवन में कार्यक्रम हुआ। इससे पूर्व घड़ी चौक में कबीर के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में महा चौका आरती की गई। आयोजन में समाज के वरिष्ठजन भगवान दास, गणपति दास, वामन दास, रमेश दास, जीवन दास, कुमुद दास, सुकृत दास, भेदू दास, वरुण दास, अशोक दास एवं संतोष दास सक्रिय रूप से जुटे। युवा प्रकोष्ठ के जतीन दास, आकाश दास, गौरव दास, अजय दास, शंकर दास, संतोष दास, प्रदीप, लकी, विकास दास, दिनेश दास, संतदास, विनय दास, निर्मल दास, सागर दास एवं रवि दास सहित महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मप्रेमी और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पं. राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कबीर दास जी ने धर्म पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जिंदा जीव को मार कर जो खाए वो प्रत्यक्ष राक्षस है, ऐसों से कभी संगति नही करनी चाहिए। लेकिन कबीर का लोहा ही यही था कि क्रूर शासकों के दौर में भी उन्होंने सच लिखा। पं. राजेश ने कहा कि संत कबीर और उनके दोहे पूरी दुनिया के लिए अमूल्य विरासत है। इन्हें सहेजना, इनसे सीखना, इनको जीना, पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा