दुगली में धूमधाम से मनाया गया जुड़वास परब, माता शीतला की सात फेरे से हुई सेवा की शुरुआत

 


धमतरी, 17 जुलाई (हि.स.)। जिले के नगरी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र के गौरव ग्राम दुगली में पूर्वजों से चली आ रही आदिवासी परंपरा के अनुसार शुक्रवार को जुड़वास (माता पहुंचानी) परब श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर ग्राम की माताएं और बच्चे तेल, हल्दी, दाल, चावल एवं नारियल से सजी थालियां लेकर माता देवालय पहुंचे। भूमियार और झांकर ने विधि-विधान एवं गाजा-बाजा के साथ माता शीतला की सात फेरे की रस्म पूरी कर सेवा की शुरुआत कराई। इसके बाद ग्राम गायता गुलेश नेताम और वरुण देव नेताम ने परंपरा के अनुसार माता की सेवा-अर्जी प्रस्तुत की। पूजा के उपरांत पुजारी ने नीम की पत्तियों से तेल और हल्दी का छिड़काव कर ग्रामीणों के सुख, समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना की। पूर्वजों की परंपरा निभाने के बाद प्रसाद वितरण किया गया तथा रवानगी की रस्म भी विधिवत संपन्न हुई।

अंगार मोती सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र राज ध्रुव ने बताया कि जुड़वास गांव का सबसे बड़ा पारंपरिक पर्व है, जिसमें नई फसल की बोनी, गांव की खुशहाली और महामारी से रक्षा की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि हल्दी, तेल और नीम के औषधीय गुणों के कारण यह परंपरा वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कार्यक्रम में शंकर लाल नेताम, खम्मन सिंह मरकाम, बिसरु राम सोरी, गजराज ध्रुव, लुकाऊ राम सोरी, बंटी नेताम, सोनदेव मरकाम, मोहन मरकाम, सूर्या सलाम, श्यामा चरण मंडावी, चमन लाल सोरी, सुरेश यादव, हलालखोर सोरी, शंभु लाल मरकाम, अमरोतीन बाई, दशोदा बाई, मोनिका नेताम, रामिन बाई नेताम, दशोदिया बाई ध्रुव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा