झीरम घाटी के 10 दोषियों को मृत्युदंड न्याय की जीत: मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 16 सितंबर (हि. स.)। झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत द्वारा 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे न्याय की जीत बताया है।
2013 में हुए इस हमले में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित 29 लोगों की मौत हुई थी। 16 सितंबर 2026 को अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए सभी 10 आरोपितों को मौत की सजा सुनाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, झीरम घाटी का हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का एक पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक प्रदेश को पीड़ा देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों ने अपनी जान गंवाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, मामले में दोषी पाए गए 10 माओवादियों को जगदलपुर एनआईए कोर्ट द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। उन्होंने मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सशस्त्र माओवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है और बस्तर शांति, विश्वास तथा विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह अवसर उन लोगों के लिए भी आत्मचिंतन का है, जो माओवादी हिंसा को वैचारिक या बौद्धिक समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध हिंसा का रास्ता अंततः विनाशकारी होता है और ऐसे तत्वों को अपनी गतिविधियों से बाज आना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झीरम घाटी हमले में मारे गए सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, दिवंगत आत्माओं को हमेशा नमन किया जाता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर