पीलिया ने बढ़ाई चिंता, खरीदकर पानी पी रहे हैं कई परिवार
धमतरी, 11 अगस्त (हि.स.)। शहर के बनियापारा वार्ड में पिछले कई दिनों से 12 घरों के 15 से अधिक लोग पीलिया के शिकार है, इससे चिंता बढ़ गई है। पखवाड़ेभर से यह दिक्कतें बनी हुई है। पीलिया के लिए सालों पुराना पाइपलाइन के पानी को प्रभावित व लीकेज को कारण बताया जा रहा है, लेकिन पीलिया होने का प्रमुख कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
पानी सैंपल की जांच व मेडिकल कालेज से ब्लड रिपोर्ट जांच आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पीलिया से पीड़ित कुछ परिवार के लोग कैन वाटर खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत खराब न हो।
बनियापारा क्षेत्र में निवासरत पीलिया से पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि यहां कुछ घरों के बोर के पानी में बैक्टीरिया है, जो पीने लायक नहीं है। वहीं यहां के पाइपलाइन सालों पुराना है, जिससे पानी की सप्लाई हो रही है। इससे एक ही वार्ड में 12 घरों के एक एमबीबीएस डाक्टर समेत 15 लोगों को पीलिया होने की जानकारी होने पर निगम प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां निरीक्षण किया, तो पाइपलाइन लीकेज मिला, जिसे सुधार लिया गया है। गंदा पानी के चलते पीलिया होने की आशंका है, कारण स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पीलिया से बचने कुछ पीड़ित परिवार के लोग हर रोज 70 रुपये में कैन वाटर खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, ताकि बीमारी से बच सके।
11 अगस्त को वार्ड में पीलिया से प्रभावित लोगों व परिवार के सदस्यों की स्थिति की जानकारी लेने नगर निगम आयुक्त अरुण कुमार वर्मा मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएचओ डा यूएल कौशिक सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर उपस्थित रहे और क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि क्षेत्र के करीब 12 घरों में पीलिया के मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि सभी प्रभावित लोग वर्तमान में अपने-अपने घरों पर रहकर उपचार एवं स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुक्त अरुण कुमार वर्मा ने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। पुराने पाइपलाइन के कारण पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुरानी पाइपलाइन को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। साथ ही पाइपलाइन की जांच, पेयजल के सैंपल लेने, आवश्यकतानुसार क्लोरीनेशन तथा क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
सीएमएचओ डा यूएल कौशिक ने बताया कि पीलिया से पीड़ित लोगाें के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कालेज रायपुर भेजा गया है। पानी का भी सैंपल लिया गया है। फिलहाल पीलिया होने का कारण स्पष्ट नहीं है, हालांकि गंदा पानी की सप्लाई को मुख्य वजह मानी जा रही है। पीलिया को देखते हुए नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा