जशपुर पुलिस की चौपाल, डीआईजी और एसएसपी ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर ही किया निपटारा

 


अंबिकापुर, 07 जून (हि.स.)। सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का माहौल तैयार करने के लिए जशपुर पुलिस द्वारा रविवार को बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम बेतरा में एक विशेष 'पुलिस जन-चौपाल' का आयोजन किया गया।

इस चौपाल में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों से सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) कुंज राम चौहान सहित महिला आरक्षक सुषमा भगत, मधु मंजरी तिर्की, शर्मिला और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

जन-चौपाल के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ग्रामीणों को जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पुलिस मितान अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, सहयोग तथा समन्वय को मजबूत करना है। पुलिस मितान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विवादों, अपराधों या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंच सकेगी, जिससे उनका त्वरित निराकरण संभव होगा। डॉ. सिंह ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने गांव को सुरक्षित, शांत और अपराधमुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ-साथ पुलिस की जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस का काम केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराना और समाज में शांति-सौहार्द का माहौल बनाना है। उन्होंने ग्रामीणों से वन-टू-वन चर्चा कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही तात्कालिक निराकरण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों और गलत संगति से दूर रहें, तथा शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं क्योंकि नशा न सिर्फ शारीरिक-मानसिक क्षमता को कमजोर करता है बल्कि परिवारों को भी बर्बाद कर देता है।

इसके साथ ही, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) कुंज राम चौहान ने ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट बांधने को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने तेज गति, लापरवाही और शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों से आगाह करते हुए सभी से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की।

इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पुलिस के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत होता है। कार्यक्रम का समापन ग्रामीणों द्वारा कानून का पालन करने, नशामुक्त जीवन अपनाने और गांव में शांति बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। इस चौपाल के सफल आयोजन से न केवल पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है, बल्कि ग्रामीणों में सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने का एक नया उत्साह भी साफ नजर आया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह