जांजगीर-चांपा में कलेक्टर सख्त, फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
जांजगीर-चांपा, 31 अगस्त (हि. स.)। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय कार्यों और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहें और निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर शासकीय कार्यों का संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत खसरों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय से संयुक्त कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समय-सीमा में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बारिश के कारण जिले में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार सड़कों की प्राथमिकता तय कर मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही अधिकारियों को नियमित रूप से सड़कों का निरीक्षण करने और जहां भी मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने से पहले पेयजल व्यवस्था, आवश्यक अधोसंरचना और तकनीकी कार्यों की समुचित जांच कर ली जाए। सभी जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद ही योजना को ग्राम पंचायत को हैंडओवर किया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुचारू रूप से पेयजल सुविधा का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने जिले के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कॉलेज भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर अथवा असुरक्षित भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित न की जाएं। संबंधित अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूलों में विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्य पुस्तक और साइकिल वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
किचन गार्डन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किचन गार्डन के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को किचन गार्डन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से धरती आबा योजना के हितग्राहियों तक पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए अधिकारी गंभीरता और निरंतरता के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों की भी विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए केवल शिकायत का औपचारिक निराकरण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक और संतोषजनक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आरके तम्बोली, अपर कलेक्टर स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT