एमसीबी : एसपी ने दिया बाल विवाह कुप्रथा को जड़ से मिटाने का कड़ा संदेश

 






मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के साथ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के जनकपुर में गुरुवार काे एक भव्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कलेक्टर के दिशा-निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने तब और अधिक मजबूती पाई, जब पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह खुद इस मुहिम का हिस्सा बनीं।

थाना परिसर जनकपुर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए एसपी रत्ना सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक अपराध है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों, उनके स्वास्थ्य और सुनहरे भविष्य पर सीधा प्रहार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कुप्रथा का उन्मूलन तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग, विशेषकर युवा और अभिभावक, अपनी जिम्मेदारी समझें और इसके खिलाफ मुखर होकर खड़े हों।

सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य सत्र के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने बाल विवाह से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों और इसके दूरगामी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चाइल्डलाइन की टीम, परियोजना अधिकारी और थाना प्रभारी ने युवाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य अनीता चौधरी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर जाकर लोगों को शिक्षित करें ताकि कोई भी बचपन शादी की भेंट न चढ़े।

इस जागरूकता महाभियान में आईटीआई और शासकीय नवीन कॉलेज के विद्यार्थियों, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामूहिक रूप से 'बाल विवाह मुक्त समाज' बनाने की शपथ ली। यह आयोजन न केवल सूचनात्मक रहा, बल्कि इसने जिले में सकारात्मक सामाजिक बदलाव की एक नई लहर पैदा कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह