जल जीवन मिशन ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
धमतरी , 12 जून (हि.स.)। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं जल जीवन मिशन के मिशन संचालक कमल किशोर सोन ने शुक्रवार को धमतरी जिले के ग्राम पंचायत मरादेव के आश्रित ग्राम मरादेव में आयोजित ‘जल अर्पण दिवस’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में कमल किशोर सोन ने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल की गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति और जल स्रोतों की स्थिरता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, भू-जल संवर्धन और जल संरक्षण गतिविधियों को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान बनाने पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक गांव में स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में सहभागी बनाने तथा पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन की शपथ दिलाई तथा सरपंचों, जल वाहिनी समूहों और पंप ऑपरेटरों को अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों और ‘हर घर जल’ अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रदाय योजनाओं के सफल संचालन के लिए ग्राम स्तर पर सहभागितापूर्ण व्यवस्था विकसित की गई है। ग्रामीण नियमित रूप से जल कर का भुगतान कर रहे हैं तथा योजनाओं के संचालन के लिए पंप ऑपरेटर नियुक्त किए गए हैं, जिससे निर्धारित समय पर घर-घर जल आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले में ऑनलाइन जल कर संग्रहण व्यवस्था भी सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। सिर्री समूह जल प्रदाय योजना के माध्यम से 86 गांवों में सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल एक आधारभूत सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार का अभियान है, जिससे महिलाओं और बच्चों के श्रम एवं समय की बचत हुई है, स्वास्थ्य में सुधार आया है तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने योजनाओं की दीर्घकालिक सफलता के लिए जनभागीदारी, जल स्रोतों के संरक्षण और सामुदायिक उत्तरदायित्व को अत्यंत आवश्यक बताया।मरादेव की सरपंच शीला महेश सविता ने कहा कि जल जीवन मिशन से गांव की तस्वीर बदल गई है। पहले महिलाओं को दूर-दूर तक पानी लाने जाना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से समय की बचत हो रही है और परिवार की देखभाल के लिए अधिक समय मिल रहा है। वहीं दरभा की सरपंच पूजा साहू ने बताया कि नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है तथा जलजनित बीमारियों में कमी आई है।कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के मिशन संचालक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता आशालता गुप्ता, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा