जल जीवन मिशन ने बदली पंडरवाही की तस्वीर, हर घर तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल

 


धमतरी, 21 जून (हि.स.)। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने वाला नगरी विकासखंड का पंडरवाही गांव आज जल जीवन मिशन की सफलता की मिसाल बन गया है। अंगीरा ऋषि पर्वत की मनोरम वादियों और महानदी की सहायक बालका नदी के बीच बसे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली और सुविधाओं का नया दौर शुरू हुआ है। 94 परिवारों वाले इस गांव में वर्षों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती रही।

प्राकृतिक जल स्रोतों के बावजूद ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूरस्थ कुओं से पानी लाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी। गर्मी के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती थी। सौर ऊर्जा आधारित जल योजना शुरू होने के बाद भी सभी परिवारों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं, लेकिन जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन मिलने से हालात पूरी तरह बदल गए।

गांव की सुपेन बाई और सुशीला बाई बताती हैं कि पहले दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता था, जिससे घरेलू कार्यों और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता था। अब घर बैठे स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से महिलाओं का समय बच रहा है और वे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ आयवर्धक गतिविधियों में भी भाग ले रही हैं, जबकि बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाकर शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हो रहे हैं। गांव की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में पंप ऑपरेटर चुमन पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर मोटर पंप का संचालन कर ओवरहेड टैंक भरते हैं और पूरी जानकारी ‘मेरी पंचायत’ ऐप में दर्ज करते हैं। साथ ही पाइपलाइन और उपकरणों की नियमित निगरानी तथा आवश्यक मरम्मत भी सुनिश्चित करते हैं।

ग्रामीणों की सुविधा के लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है, जिससे किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। जल जीवन मिशन का सकारात्मक प्रभाव केवल पेयजल उपलब्धता तक सीमित नहीं है। गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है, स्वच्छता का स्तर बेहतर हुआ है और लोगों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। महिलाओं के श्रम में कमी आई है, बच्चों का भविष्य संवर रहा है और ग्रामीणों में बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ी है। आज पंडरवाही गांव इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है कि प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक सहभागिता के साथ विकास की योजनाएं किस तरह जनजीवन में बदलाव ला सकती हैं। जल जीवन मिशन ने यहां केवल नल से जल नहीं पहुंचाया, बल्कि सम्मान, स्वास्थ्य, समय की बचत और सतत विकास की नई संस्कृति को भी स्थापित किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा