जगदलपुर के केंद्रीय जेल में पहली बार सजा विवाह का मंडप, कैदी बना दूल्हा

 


जगदलपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के केंद्रीय जेल जगदलपुर में सजा काट रहा एक कैदी दूल्हा बन गया है। जिस युवती के परिजनों ने सुरेश सेठिया काे 376 के मामले में निरूद्ध करवाया था, अब वह उससे ही आज शुक्रवार काे विवाह करने जा रहा है। केंद्रीय जेल जगदलपुर के परिसर में पहली बार न्यायालय के आदेश के बाद किसी के विवाह का मंडप सजा।

मिली जानकारी के अनुसार राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप एक-दूसरे से प्यार करते थे। हालांकि, दोनों के अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। विरोध इस हद तक बढ़ा कि लड़की के घरवालों ने सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले में धारा 376 के तहत अपराध दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। युवक के जेल जाने के बाद कहानी में एक नया मोड़ आया। अपने प्यार को सलाखों के पीछे देख युवती चुप नहीं बैठी और उसने स्वयं अदालत का रुख किया। उसने न्यायालय को बताया कि दोनों अपनी मर्जी से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं। युवती की बात सुनने के बाद न्यायालय ने पुलिस और जेल प्रशासन को दोनों की शादी कराने के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही जेल प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दीं। दोनों ने सलाखों के बीच सात फेरे लिए और कानून की निगरानी में दो प्रेमी जीवनभर के बंधन में बंध गए। यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब सच सामने आता है तो कानून भी न्याय के साथ संवेदनशीलता का रास्ता अपनाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे