आईटीआई विद्यार्थियों को उद्योगों में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
धमतरी, रायपुर और दुर्ग की औद्योगिक इकाइयों ने प्रशिक्षण देने पर जताई सहमति
धमतरी, 17 सितंबर (हि.स.)। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने की दिशा में पहल शुरू की गई है। युवाओं की तकनीकी दक्षता को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप विकसित करने और उन्हें प्रशिक्षण के साथ कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार काे जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक हुई।
बैठक में प्रशिक्षुता एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने, उद्योगों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर चर्चा की गई। बैठक में महाप्रबंधक लोकपाल खांडेकर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी योगेश देवांगन, पॉलिटेक्निक महाविद्यालय रुद्री के प्राचार्य मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य उपस्थित रहे। धमतरी के साथ रायपुर और दुर्ग जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है। विद्यार्थियों को केवल प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक औद्योगिक वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलना जरूरी है।
उद्योगों में कार्यस्थल प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षुता के माध्यम से विद्यार्थियों को मशीनरी, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, कार्य अनुशासन और सुरक्षा मानकों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने जिले के सभी आईटीआई को ट्रेडवार विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उनकी तकनीकी दक्षता एवं रुचि के अनुरूप औद्योगिक इकाइयों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षण और प्रशिक्षुता के इच्छुक उद्योगों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा संस्थानवार कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने उद्योगों की जरूरत और आईटीआई में संचालित ट्रेड के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर मिल सकें। बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने आईटीआई विद्यार्थियों को ट्रेड के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण और कार्यस्थल का अनुभव उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। जयसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रायपुर के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी इकाई पहले से प्रधानमंत्री प्रशिक्षुता प्रोत्साहन प्रणाली के पोर्टल पर पंजीकृत है।
शीटसोल प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरिश सुथार और वंदना ग्लोबल लिमिटेड, रायपुर के प्रतिनिधि प्रेमकुमार उपवंशी ने भी प्रशिक्षुता एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण की संभावनाओं पर चर्चा की। उरला औद्योगिक क्षेत्र संघ के उपाध्यक्ष केडिया ने धमतरी के आईटीआई में विभिन्न ट्रेड में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उद्योगों में कार्यस्थल प्रशिक्षण देने पर सहमति जताई और प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रशिक्षुता से जोड़ने के लिए पहल का आश्वासन दिया। बगौद के उद्योग, पीबीएस राइस मिल एवं एमएस फूड ने भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षुता और कार्यस्थल प्रशिक्षण देने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में स्थानीय उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। इससे विद्यार्थियों को अपनी ट्रेड से संबंधित कार्यों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में समझने और सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं के कौशल विकास को जोड़ने से स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा उद्योगों को आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को उद्योगों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सीटों एवं अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा प्रशिक्षुता से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा