अंतरराज्यीय वन्यप्राणी तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, तेंदुआ खाल के साथ दो आरोपित गिरफ्तार

 


धमतरी, 08 मार्च (हि.स.)। उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वन्यप्राणी तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने तेंदुआ खाल की अवैध तस्करी के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तेंदुआ खाल का आधा हिस्सा जब्त किया है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है।

रविवार काे एंटी पोचिंग टीम से मिली जानकारी के अनुसार 5 मार्च को उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व गरियाबंद की एंटी पोचिंग टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि रायपुर–देवभोग नेशनल हाईवे 130-सी मार्ग पर वन्यप्राणी तेंदुआ खाल की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर उपनिदेशक वरुण जैन के मार्गदर्शन में एंटी पोचिंग टीम और वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती के वन अमले ने तौरेंगा वनोपज जांच नाका में रायपुर–देवभोग मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच शुरू की। जांच के दौरान एक ईको वाहन क्रमांक CG 04 PT 2966 की तलाशी लेने पर उसमें तेंदुआ खाल का आधा हिस्सा (दायां भाग) बरामद हुआ।

मौके पर ही वनोपज जांच नाका प्रभारी पामेश्वरी नेताम ने खाल को जब्त कर लिया। वाहन में सवार जमरसाय (55 वर्ष) निवासी ग्राम कटेलपारा थाना छुरा तथा चालक सूरज नेताम (21 वर्ष) निवासी ग्राम कांटाखुसरी पोस्ट सिवनी थाना छुरा जिला गरियाबंद को मौके पर पकड़कर विस्तृत पूछताछ के लिए वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती मैनपुर लाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने तेंदुआ खाल की अवैध तस्करी में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी केजुराम कोरचे ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं 9, 27, 29, 39, 43, 44, 48, 49, 50, 51 और 52 के तहत कार्रवाई की। 7 मार्च को दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया। मामले की जांच के दौरान आरोपित जमरसाय की निशानदेही पर ओडिशा राज्य के नुवापड़ा जिले के ग्राम पंचमपुर निवासी मंगलु मांझी को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने जुलाई 2025 में बिजली करंट के माध्यम से वन्यप्राणियों के शिकार की बात स्वीकार की। वन विभाग के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है।

कार्रवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर सेल, उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एंटी पोचिंग टीम और वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती मैनपुर के वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने बताया कि टाइगर रिज़र्व के आसपास लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में विशेष निगरानी और सघन जांच अभियान चलाकर क्षेत्र को सैनीटाइज किया जाएगा, ताकि वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा