इंटरस्टेट बॉर्डर मीटिंग आयोजित, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर बनी संयुक्त रणनीति
नशीले पदार्थों की तस्करी, फरार आरोपियों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर
सूरजपुर, 12 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से बुधवार को इंटरस्टेट बॉर्डर मीटिंग आयोजित की गई।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर सूरजपुर जिले के थाना चांदनी एवं मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के थाना माड़ा के पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बैठक में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बैठक में इंटरस्टेट बॉर्डर पर तैनात पुलिस टीमों के बीच संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के परिवहन और संदिग्ध वस्तुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा कर कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।
सीमावर्ती ग्रामों में सक्रिय असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा फरार आरोपियों और लंबित वारंटों की तामीली के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर आरोपियों एवं वारंटों की सूची साझा करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान करने, सीमावर्ती ग्रामों में स्थित लाइसेंसी शराब दुकानों पर निगरानी रखने तथा नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी बल दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने पर सहमति जताई।
बैठक में थाना चांदनी प्रभारी रामप्रताप साहू, थाना माड़ा के एएसआई निलेश मिश्रा सहित दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारी एवं संबंधित पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय