अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस: मेहंदी से जागरूकता का रंग, साक्षरता का दिया संदेश

 


धमतरी, 08 सितंबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिले के स्कूलों में मंगलवार को पढ़ाई के साथ जागरूकता का रंग भी नजर आया। विद्यार्थियों ने मेहंदी और रंगोली के जरिए साक्षरता के संदेश को रचनात्मक रूप में सामने रखा। कई स्कूलों में साक्षरता रैली निकाली गई और मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया।

गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी भागीदारी निभाई।

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में एक से 15 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व साक्षरता दिवस पर स्कूलों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। मेहंदी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हथेलियों पर किताब, अक्षर, दीपक और शिक्षा से जुड़े प्रतीक बनाकर साक्षरता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। रंगोली में भी ज्ञान और शिक्षा को विषय बनाकर आकर्षक आकृतियां तैयार की गईं।

जिला परियोजना अधिकारी खेमेंद्र कुमार साहू ने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को अक्षर ज्ञान के साथ आत्मनिर्भर बनने का आधार देती है। अभियान में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों की रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़कर उन्हें अपने आसपास के लोगों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्कूलों में आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य साक्षरता के संदेश को केवल भाषण और नारों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों की रचनात्मकता से जोड़ना रहा। मेहंदी और रंगोली जैसी गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों ने यह बताने का प्रयास किया कि पढ़ना-लिखना व्यक्ति के जीवन में नए अवसरों का रास्ता खोलता है।

विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर साक्षरता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता जताई। साक्षरता रैली में विद्यार्थियों ने नारों के माध्यम से लोगों को शिक्षा से जुड़ने और अपने आसपास के लोगों को भी पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। अभियान में नवसाक्षरों और समुदाय की भागीदारी को भी महत्व दिया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्वयंसेवियों और समाज के विभिन्न वर्गों ने सहभागिता की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा