अधूरी व दिशाहीन जांच के आधार पर आने वाले फैसले से सही न्याय मिलना नामुमकिन : भूपेश

 


जगदलपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। बस्तर जिला मुख्यालय में आयोजित कांग्रेस के संभागस्तरीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले की जांच और संभावित फैसले को लेकर केंद्र व जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जांच में कई बुनियादी और महत्त्वपूर्ण तथ्यों को शामिल ही नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता और कांग्रेस पार्टी जिस न्याय और सच्चाई की उम्मीद कर रही थी, उसकी संभावना न के बराबर है। अधूरी और दिशाहीन जांच के आधार पर आने वाले फैसले से सही न्याय मिलना नामुमकिन है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 25 मई 2013 की यह घटना विशुद्ध रूप से एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र थी। हालाँकि जांच में जिस मुख्य साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए था, उस बिंदु पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। एनआईए न्यायलय ने घटना के समय झीरम घाटी में मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के बयान तक दर्ज नहीं किए। घटना में शामिल और बाद में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली गुडसा उसेंडी से सही तरीके से पूछ-ताछ नहीं हुई । इसके अलावा, आंध्र प्रदेश की जेलों में बंद कई संदिग्ध नक्सलियों के बयान भी इस मामले में नहीं लिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी ने अदालत में जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है, न्यायालय उसी के आधार पर अपना फैसला सुनाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से छत्तीसगढ़ नहीं आए हैं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से उन्हें राज्य का दौरा करने का न्योता दिया गया था, जिसे राहुल गांधी ने स्वीकार करते हुए बस्तर आने पर सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संवाद कर रहे हैं। हालांकि बस्तर में उनका फोकस केवल छात्र और युवा वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। बस्तर की स्थानीय समस्याओं, जमीनी चुनौतियों और क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा किए जाने की योजना है। वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस को लेकर किए जा रहे पोस्टरवार पर भूपेश बघेल ने भाजपा पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का काम लोगों को आपस में बांटना रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे