खारून नदी में विसर्जन पर प्रतिबंध

 




-कुंड में 30 प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन

रायपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। रायपुर में शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार शाम 7 बजे तक खारून नदी महादेव घाट के पास स्थित विसर्जन कुंड में 30 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

ज्ञात हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पर्यावरण सुरक्षा निर्देशों के तहत इस वर्ष भी खारून नदी में सीधे विसर्जन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। माता रानी की प्रतिमाओं को महादेवघाट (पाटन पुलिया के पास) निर्मित विशेष विसर्जन कुंड में ही विसर्जित किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खारून नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। श्रद्धालुओं को नदी के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने के निर्दश दिए गए हैं ।• विसर्जन की यह प्रक्रिया 20 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे तक लगातार चलेगी। विसर्जन स्थल पर सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की 3 शिफ्ट (8-8 घंटे) में 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। इसकी पूरी कमान जोन क्रमांक 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल को दी गई है । किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना से निपटने के लिए विसर्जन स्थल पर 90 नाविकों की तैनाती की गई है, साथ ही गोताखोर और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था है।

उल्लेखनीय है कि 20 अक्टूबर को शहर में छह से ज्यादा स्थानों पर रावण दहन के आयोजन होंगे। इनमें रावणभाठा और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के आयोजन प्रमुख होंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर, चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड में स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा।

विसर्जन और दशहरा के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरणऔर छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है। सभी आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन वाहन और पहुंच मार्गों की व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम ने अधिकारियों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

निगम के निर्देशों के अनुसार विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर रखना होगा। विसर्जन कुंड में जमा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा, ताकि पानी प्रदूषित न हो और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।

नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दशहरा आयोजन और विसर्जन कुंड की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों की समिति बनाई है। इसमें अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह सहित इंजीनियरिंग एवं जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा