दुर्घटना के कारण बनने वाले स्थानों को तत्काल सुधारें : कलेक्टर

 


कोरबा, 08 अप्रैल (हि. स.)। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज बुधवार को जिलास्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर त्वरित सुधार कार्य किए जाएं, ताकि जिले को दुर्घटना-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल हो सके।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनके निराकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई, झाड़ियों की सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, सोल्डर भरने, रेडियम युक्त संकेतक बोर्ड लगाने, रंबल स्ट्रिप्स तैयार करने, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित पानी छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण एजेंसियां एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करें, अन्यथा दुर्घटना की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने जिले के प्रमुख और संवेदनशील मार्गों की समीक्षा भी की, जिनमें बैरा घाट, पोडीकला घाट, लैंगा स्कूल मार्ग, कुकरीचोली-भैसमा रोड, भैसमा-सक्ती मोड़, उरगा चौक-कोरबा रोड, राताखार-जोड़ा पुल, बालको ऐश डेक रोड, गोपालपुर-छुरीकला और दीपका गौरव पथ शामिल हैं। समीक्षा में सामने आया कि कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण, मोड़ सुधार, क्रैश बैरियर और रिफ्लेक्टर लगाने जैसे कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि कई कार्य प्रगति पर हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से बैरा घाट और पोडीकला घाट में दुर्घटना का कारण बनने वाले पेड़ों की कटाई के निर्देश वन विभाग कटघोरा को दिए तथा ढाल सुधार और कटाव रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा।

विद्यालयों के आसपास सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल उपाय और आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसईसीएल, बालको और अन्य औद्योगिक संस्थानों को वर्ष में दो बार भारी वाहनों के चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव के निर्देश दिए गए, विशेष रूप से गोपालपुर-छुरीकला और बालको-दर्री डेम मार्ग पर। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग को सभी पुल-पुलियों का सर्वे कर क्षतिग्रस्त बैरिकेडिंग और गड्ढों की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए।

ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने परिवहन विभाग को उड़नदस्ता दल के माध्यम से नियमित जांच और सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की सहायता के लिए सड़क सुरक्षा समिति के नाम से बैंक खाता खोलने और कंपनियों के सहयोग से आपातकालीन सहायता फंड बनाने के निर्देश भी दिए।

हिट एंड रन मामलों में पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने और मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये तक की सहायता राशि की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जनपद कार्यालयों और थानों में बैनर-पोस्टर लगाए जाएंगे।

कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए निबंध, क्विज और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और सभी विभाग समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में आयुक्त आशुतोष पांडेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा, पीडब्ल्यूडी ईई जी.आर. जांगड़े सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी