परखंदा की नर्सरी में अवैध रेत उत्खनन, मिला मानव कंकाल, ग्रामीणों में आक्रोश

 


धमतरी, 23 फ़रवरी (हि.स.)।धमतरी जिले के कुरूद ब्लाक अंतर्गत ग्राम परखंदा में अवैध रेत उत्खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। नर्सरी क्षेत्र से रेत निकालने के दौरान एक पुराना मानव कंकाल मिलने से गांव में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार गांव की नर्सरी से बीते कुछ दिनों से अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया कुछ लोगों से सांठगांठ कर प्रतिबंधित क्षेत्र में भी बेखौफ उत्खनन कर रहे हैं। 22 फरवरी रविवार शाम कुछ ग्रामीण नर्सरी की ओर गए तो उन्होंने देखा कि आवारा कुत्ते जमीन से निकली किसी वस्तु को नोच रहे हैं। पास जाकर देखने पर वहां मानव कंकाल पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गांव के कोटवार ठाकुर राम को दी। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कंकाल काफी पुराना प्रतीत हो रहा था। कंकाल के पास कपड़े और बाल भी दिखाई दे रहे थे। कुत्तों द्वारा नोचने के कारण सिर धड़ से अलग हो गया था और कुछ अंग आसपास बिखरे पड़े थे।

घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। कुरूद थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू ने बताया कि रेत खनन के दौरान एक मानव कंकाल मिला है, जो प्रथम दृष्टया काफी पुराना लग रहा है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर कंकाल को दफन कर दिया है और मामले की जांच जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्षेत्र रेत उत्खनन के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित है, बावजूद इसके नर्सरी के पेड़ों को उखाड़कर अवैध खनन किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर भी रोकथाम के पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे उत्खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि दफन स्थलों तक को क्षति पहुंच रही है।

नर्सरी जैसे सुरक्षित स्थान पर मानव कंकाल मिलने से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा