सरगुजा रेंज में 'डायल 112' पर आईजी की कड़ाई, निजी इस्तेमाल और नशे में ड्यूटी पर मिलेगी सख्त सजा
अम्बिकापुर, 21 जुलाई (हि.स.)। आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों के लिए जीवनदायिनी बनी 'डायल 112' सेवा की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने कड़ा रुख अपनाया है। रेंज आईजी ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आपातकालीन सेवा डायल 112 के नोडल अधिकारियों, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर के कर्मचारियों और वाहनों पर तैनात करीब 248 जवानों व चालकों की बैठक लेकर रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और सेवा की साख बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी झा ने स्पष्ट किया कि डायल 112 आपातकालीन पुलिसिंग की रीढ़ है। जैसे ही किसी संकट की सूचना मिले, जवानों को बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचना होगा। रिस्पॉन्स टाइम जितना बेहतर होगा, पीड़ित को उतनी ही त्वरित मदद मिल सकेगी। उन्होंने जवानों को जनसेवा की भावना से काम करने और जनता के बीच अपनी साफ-सुथरी और मददगार छवि बनाने की सीख दी।
इस दौरान आईजी ने हाल ही में डायल 112 टीम द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों का जिक्र कर जवानों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने बताया कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एनीकट में डूब रहे एक युवक को डायल 112 और स्थानीय लोगों की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। इसी तरह जशपुर की लोरो घाटी में हुए एक भीषण हादसे में, जहां अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुई गाड़ी के केबिन में तीन लोग बुरी तरह फंसे हुए थे, वहां डायल 112 की टीम ने तत्काल पहुंचकर कटर मशीन से केबिन काटकर सभी की जान बचाई।
जवानों की पीठ थपथपाने के साथ ही आईजी ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों से लैस इन वाहनों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में व्यक्तिगत या निजी कामों के लिए नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान नशे का सेवन करने वाले या अनुशासनहीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के आदेश सभी नोडल अधिकारियों को दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह