बस्तर क्षितिज समिति द्वारा पांचवें वर्ष भी गणेश उत्सव समितियों को निःशुल्क वितरित की जा रहीं श्रीगणेश प्रतिमाएं
सुकमा, 09 सितंबर (हि.स.)। जिले की बस्तर क्षितिज सामाजिक सेवा समिति श्रीगणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर लगातार पांचवें वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों की गणेश उत्सव समितियों को निःशुल्क श्रीगणेश प्रतिमाएं उपलब्ध करा रही है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक परंपराओं और आपसी एकता को मजबूत करना है।
समिति द्वारा पिछले चार वर्षों से जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में गणेश उत्सव समितियों को भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं निःशुल्क वितरित की जा रही हैं। इस वर्ष भी 2 से 3 फीट आकार की प्रतिमाओं का वितरण किया जाएगा। समिति का मानना है कि श्रीगणेश उत्सव के माध्यम से गांव-गांव में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण निर्मित हो तथा समाज के सभी वर्ग मिलकर उत्सव मनाएं।
समिति की संस्थापिका एवं अधिवक्ता दीपिका शोरी ने बुधवार को कहा कि श्रीगणेश उत्सव भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं को भगवान श्रीगणेश की स्थापना और पूजा-अर्चना का अवसर मिले, इसी उद्देश्य से यह सेवा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा और संस्कार की यह परंपरा भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।
समिति के कोषाध्यक्ष संजय सिंह भदौरिया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की इच्छुक गणेश उत्सव समितियां समिति द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर कॉल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से पंजीयन करा सकती हैं। पंजीयन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र समितियों को प्रतिमाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समिति ने जिले की सभी ग्रामीण गणेश उत्सव समितियों से इस पहल का लाभ उठाने और समय पर पंजीयन कराने की अपील की है। समिति का कहना है कि भगवान श्रीगणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। उनका आगमन केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे, सामाजिक एकता और सेवा का संदेश भी है। इसी संकल्प के साथ समिति लगातार पांचवें वर्ष यह सेवा कार्य कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे