छात्रावास अधीक्षक संघ ने पांच सूत्रीय मांगों काे लेकर किया प्रर्दशन सौंपा ज्ञापन

 


जगदलपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले के छात्रावास अधीक्षक संघ ने अपनी 05 सूत्रीय मांगों सेवा शर्तों का निर्धारण, अधीक्षक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन, शिक्षक संवर्ग के प्रभावी अधीक्षक को व्हीएसके ऐप की उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से छूट, ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार एवं मेस राशि में अनुचित कटौती पर रोक एवं छात्रावास संचालन हेतु पर्याप्त बजट एवं अन्य सुविधाओं को लेकर आज गुरूवार काे एक दिवसीय सांकेतिक प्रर्दशन किया।

छात्रावास अधीक्षक संघ ने विभागीय सचिव के नाम बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 नंवबर से अनिश्चितकालीन करने के लिए बाध्य होंगे।

संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष पल्लव झा ने बताया कि विभाग के मंशानुरूप ऑनलाइन अटेंडेंस और पंजी अपलोड की प्रकिया का विरोध नहीं है। लेकिन कुछ ऐसी व्यवहारिक समस्याएं हैं, जिनका विरोध करते करेंगे।

छात्रावास अधीक्षक संघ का कहना है कि बच्चों का 30 दिवसीय मेडिकल लीव, नेटवर्क की समस्या, संसाधनों की समस्या, सामुहिक व्यवस्था पर चल रहा मेस, जिसमें 05 बच्चों की अनुपस्थिति पर ईंधन कम नहीं किया जा सकता है, जैसी समस्याओं से वो जूझ रहे हैं। इसके साथ ही 12 सालों के बाद भी सेवा शर्तों का निर्धारण विभाग करने में असमर्थ है। जिनमें अवकाश, दायित्व और कार्य अवधि शामिल हैं। 24 घण्टे छात्रावास में मौजूद होने से उनका निजी जीवन समाप्त हो रहा है। वहीं पदोन्नति की भी बड़ी समस्या है। छात्रावास अधीक्षक के पद पर नियुक्त होकर रिटायर्ड भी उसी पद में हो रहे हैं। जबकि अन्य विभागों में पदोन्नति की प्रकिया है। यदि सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती है, तो आगामी 12 नंवबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

छात्रावास अधीक्षक संघ के जिला सचिव रामेश्वरी साहू ने कहा कि कार्य के दौरान महिला अधीक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिला अधीक्षकों को छात्रावास में निवास करना पड़ता है, जिसमें उनके परिवार की अनुमति नहीं होती है। जिसके चलते बेटा, पिता और पति के प्रति दायित्व छूट जाता है। काम के कारण अपनी निजी जीवन और कार्यालयीन जीवन को संतुलित करने में परेशानी होती है। इसीलिए हमारी यह मांग है कि अधीक्षकों का आवास परिसर में हो, जिसमें सीसीटीवी कैमरा लगा रहे और प्रवेश द्वार पृथक हो। ताकि परिवार और अधीक्षक के दायित्वों का निर्वहन किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे