कांकेर में भालू दिखाई देने पर क्या करें और क्या न करें, के लगाए जा रहे होर्डिंग, बैनर-पोस्टर

 


कांकेर, 26 अगस्त (हि.स.)। जिला मुख्यालय के आस-पास के रिहायशी इलाकों में इन दिनों वन्य प्राणी भालुओं की लगातार आमद से हालात ऐसे बन गए हैं कि रात होते ही लोग घरों में भी स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। भालू जंगलों से निकलकर बस्तियों तक पहुंच रहे हैं और कई मामलों में घरों के दरवाजे तोड़ने तथा किचन में घुसने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

लगातार हो रही घटनाओं से लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और वन विभाग ने लोगों को जागरूक करने के साथ ही सतर्कता बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है। विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, जिसमें बचे हुए खाद्य पदार्थ और अन्य वेस्टेज सामग्री को खुले या अनयंत्रित स्थानों पर नहीं फेंकने के लिए कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि खाने की गंध और भोजन की तलाश में वन्य प्राणी भालु रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। ऐसे में कचरा प्रबंधन और खाद्य अपशिष्ट को सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने पर जोर दिया जा रहा है।

भालुओं की लगातार बढ़ती आमद को देखते हुए जिले के नव नियुक्त कलेक्टर कुंदन कुमार ने मामले काे संज्ञान लेते हुए वन विभाग के साथ मिलकर शहर और आस-पास के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। प्रशासन और विभाग की ओर से अब गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इनमें भालू दिखाई देने पर क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी जा रही है। लोगों से घबराने के बजाय सतर्कता बरतने और किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की अपील की जा रही है।

प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे बैनर और पोस्टरों में लोगों को भालू के सामने पड़ने पर सावधानी बरतने के उपाय बताए जा रहे हैं। साथ ही लापरवाही नहीं करने और वन विभाग को समय पर सूचना देने की अपील की जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि भालू के रिहायशी इलाके में पहुंचने की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचाई जा सके। इससे विभागीय टीम को समय पर मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद मिल सकेगी। भालुओं की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए रात के समय प्रभावित इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी गई है। विभाग और प्रशासन की टीमें वाहनों के माध्यम से शहर के गली-मोहल्लों में घूमकर लोगों को सतर्क कर रही हैं। लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से लोगों को सावधानी बरतने, रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और भालू दिखाई देने पर उसके नजदीक नहीं जाने की अपील की जा रही है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन और वन विभाग की यह पहल लोगों को जागरूक करने में मददगार साबित होगी। हेल्पलाइन जारी होने से अब किसी इलाके में भालू दिखाई देने पर लोग तत्काल सूचना दे सकेंगे। लोगों का यह भी कहना है कि जंगलों में भालुओं के प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए फलदार पौधों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि भोजन की तलाश में भालुओं का रिहायशी इलाकों की ओर रुख कम हो सके। प्रशासन और वन विभाग की नई पहल से लोगों को राहत की उम्मीद भी जगी है। अब लोगों को भालू दिखाई देने पर किस तरह की सावधानी बरतनी है और किसे सूचना देनी है, इसकी जानकारी दी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि समय पर सूचना और सतर्कता के जरिए भालू और इंसानों के बीच होने वाले संभावित टकराव को रोका जा सके और किसी भी हमले या दुर्घटना की स्थिति से बचा जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे