झमाझम बारिश से छलक रहा गंगरेल बांध, कभी भी खुल सकते हैं गेट, नदी किनारे के गांव हाई अलर्ट पर
महानदी में बन सकती है बाढ़ की स्थिति
धमतरी, 30 अगस्त (हि.स.)। धमतरी जिले में पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने जलाशयों को लबालब कर दिया है। गंगरेल, मुरूमसिल्ली, सोंदूर और दुधावा बांधों के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश से पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। गंगरेल बांध में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग हाई अलर्ट पर हैं। परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो गंगरेल समेत अन्य बांधों के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। गेट खुलने की स्थिति में महानदी के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसे देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों को सतर्क कर दिया गया है।
हफ्तेभर से रुक-रुककर हो रही बारिश ने रविवार को जोर पकड़ लिया। सुबह से रात तक लगातार बारिश का दौर जारी रहा। जिले के सभी तहसील क्षेत्रों के साथ जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से बांधों में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी जलभराव और आवक की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। महानदी के तटीय क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। गंगरेल बांध में जलभराव बढ़ने के साथ ही कभी भी सायरन बजने और गेट खोलने की स्थिति बन सकती है।
गंगरेल में 10 हजार क्यूसेक पानी की आवक
30 अगस्त की दोपहर दो बजे तक गंगरेल बांध में कैचमेंट क्षेत्र से करीब 10 हजार क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई थी। बांध में जलभराव 30 टीएमसी से अधिक हो चुका है। लगातार पानी आने के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संभावित जल निकासी को देखते हुए रुद्री बांध का जलस्तर पहले ही कम किया जा रहा है, ताकि गंगरेल से पानी छोड़े जाने पर जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सके। विभागीय अधिकारी-कर्मचारी चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
दुधावा बांध में भी पानी की आवक लगातार बनी हुई है और जलभराव करीब 9 टीएमसी तक पहुंच गया है। वहीं सोंदूर बांध में जलभराव 5 टीएमसी से अधिक हो चुका है। दोनों बांध भी लगभग लबालब हैं और पानी की आवक बढ़ने पर इनके गेट भी खोले जा सकते हैं।
मुरूमसिल्ली के साइफन से शुरू हुई पानी की निकासी
5.839 टीएमसी क्षमता वाला मुरूमसिल्ली बांध 98.82 फीसदी भर चुका है। लगातार पानी की आवक के चलते इसके साइफन से पानी की निकासी शुरू हो गई है। बांध में 30 अगस्त तक करीब 5.77 टीएमसी पानी जमा हो चुका था। जलभराव 100 फीसदी होने पर बांध के सभी 34 गेटों से स्वचालित रूप से पानी निकलना शुरू हो जाएगा।
मुरूमसिल्ली बांध का साइफन सिस्टम देखने रविवार को दोपहर और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग पहुंचते रहे। पानी की धार के साथ बांध का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था। मुरूमसिल्ली बांध को एशिया के शुरुआती स्वचालित साइफन सिस्टम वाले बांधों में शामिल किया जाता है।
शहर में जलभराव, रपटा और नालों पर आवाजाही प्रभावित
लगातार बारिश का असर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। रपटा और छोटे नालों वाले स्थानों पर पानी बढ़ने से आवाजाही प्रभावित हुई। धमतरी शहर के बालक शाला मैदान, मिशन मैदान समेत कई स्थानों पर पानी भर गया। कालोनियों और गली-मोहल्लों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में 866 मिमी औसत बारिश
जिले में एक जून से 30 अगस्त तक 866 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार धमतरी में 909 मिमी, कुरूद में 882 मिमी, मगरलोड में 913 मिमी, नगरी में 916 मिमी, भखारा में 773 मिमी, कुकरेल में 856 मिमी और बेलरगांव में 815 मिमी वर्षा हुई है। अब तक मगरलोड तहसील में सबसे अधिक 913 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि भखारा में सबसे कम 773 मिमी वर्षा हुई है। भादो में सावन जैसी झड़ी से जहां खेतों और जलाशयों को भरपूर पानी मिला है, वहीं बांधों में बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा