सुबह से शाम तक झमाझम बारिश, खिले किसानों के चेहरे
धमतरी, 18 अगस्त (हि.स.)। सावन में लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को अंचल में सुबह से शाम तक रुक-रुककर हुई अच्छी बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी। हल्की और खंड वर्षा के कारण खेतों में तैयार हो रही खरीफ धान फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। कई क्षेत्रों में सिंचाई पानी की जरूरत महसूस होने लगी थी और मानसून पर निर्भर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में मंगलवार की बारिश धान फसल के लिए राहत लेकर आई है।
वनांचल क्षेत्र मथुराडीह, जंवरगांव, अरौद, लीलर सहित कई गांवों में बारिश के अभाव में धान की फसल मुरझाने और लाल पड़ने लगी थी। धमतरी क्षेत्र के किसान फसल बचाने के लिए गंगरेल बांध से सिंचाई पानी छोड़ने की मांग भी कर रहे थे। इसी बीच 17 अगस्त की सुबह से रुक-रुककर हुई बारिश से खेतों में नमी लौटी और फसल को नई जान मिली। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश से धान फसल की बढ़वार तेज होगी और अब खाद एवं अन्य कृषि कार्य करने में भी सुविधा होगी। बारिश के कारण जनजीवन पर भी असर पड़ा। सुबह से बारिश होने के चलते कामकाजी लोग और स्कूली बच्चे बरसाती लेकर घरों से निकले।
जानकारी के अनुसार जिले में एक जून से अब तक 706 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार धमतरी में 763 मिमी, कुरूद में 676 मिमी, मगरलोड में 684 मिमी, नगरी में 818 मिमी, भखारा में 571 मिमी, कुकरेल में 728 मिमी और बेलरगांव में 703 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। जिले के प्रमुख गंगरेल बांध में 28.263 टीएमसी पानी भर चुका है और पानी की आवक बनी हुई है। वहीं मुरुमसिल्ली बांध में 5.23 टीएमसी, दुधावा बांध में 7.726 टीएमसी और सोंढूर बांध में 5.694 टीएमसी पानी का भराव दर्ज किया गया है। अच्छी बारिश और बांधों में बढ़ते जलस्तर से किसानों को खरीफ फसल के लिए राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा