कोरबा में सभी पीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश
कोरबा, 25 जून (हि. स.)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और बरसात के मौसम में संभावित बीमारियों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एंटी रेबीज वैक्सीन और एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि डॉग बाइट और सर्पदंश के मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिया कि “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के तहत शेष पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड और आभा आईडी शत-प्रतिशत बनाए जाएं तथा उन्हें सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पीवीटीजी ग्रामों में आयुष्मान भारत कार्ड और जननी सुरक्षा योजना की प्रगति बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। साथ ही कम प्रदर्शन वाले अधिकारियों की विशेष समीक्षा करने को कहा।
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और मितानिन दवा पेटियों में आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए।
बैठक में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए संभावित मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुष्ठ उन्मूलन अभियान के तहत चिन्हित मरीजों की स्क्रीनिंग और उपचार पर जोर दिया गया। वहीं सिकल सेल कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मरीजों की इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा गया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीयन किया जाए और उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत विशेषज्ञ जांच का लाभ मिले।
इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का सात दिनों के भीतर संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने, अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और आम नागरिकों को समय पर उपचार देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी