बलरामपुर के तीन बहुउद्देशीय केंद्रों में 22 अक्टूबर से शुरू होंगे सेवा संगम शिविर
बलरामपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं गांव के करीब उपलब्ध कराने के लिए जिले के तीन बहुउद्देशीय केंद्रों में स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत होने वाले इन शिविरों की शुरुआत 22 अक्टूबर से होगी। शनिवार को जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। शंकरगढ़ विकासखंड के आमाकोना और पतरापारा तथा कुसमी विकासखंड के ढोढ़ाचांपी केंद्र में अलग-अलग चरणों में चार तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चल रहे रिफॉर्म उत्सव के तहत 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक बहुउद्देशीय केंद्रों में सेवा संगम का आयोजन किया जा रहा है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पोषण संबंधी शिविर 22 अक्टूबर को आमाकोना और ढोढ़ाचांपी में तथा 24 अक्टूबर को पतरापारा में लगाए जाएंगे। यहां बच्चों को पूरक पोषण आहार और गर्भवती व शिशुवती माताओं को मासिक पोषण किट दी जाएगी। साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण तथा कुपोषण से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य शिविर 28 अक्टूबर को आमाकोना और ढोढ़ाचांपी में तथा 29 अक्टूबर को पतरापारा में आयोजित होंगे। इनमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ टीकाकरण, सिकल सेल, टीबी, मलेरिया, रक्तचाप और मधुमेह की जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एम्बुलेंस या महतारी एक्सप्रेस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी।
सेवा संगम के तीसरे चरण में 4 नवंबर को आमाकोना और ढोढ़ाचांपी तथा 6 नवंबर को पतरापारा में जनसंपर्क एवं समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। इनमें ग्रामीणों और हितग्राहियों की समस्याएं सुनी जाएंगी। शिकायतों का मौके पर समाधान करने का प्रयास होगा और जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।
आजीविका से जुड़े शिविर 11 नवंबर को आमाकोना और ढोढ़ाचांपी तथा 12 नवंबर को पतरापारा में आयोजित होंगे। इनमें स्व-सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों के उत्पादों और लघु वनोपजों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है।
तीनों केंद्रों के लिए अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने सेवा संगम के आयोजन के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास समीक्षा जायसवाल को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका की सुविधाएं उनके गांवों में ही पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बहुउद्देशीय केंद्रों को एकीकृत सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक हितग्राहियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र के लोगों से शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेने की अपील की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय