बस्तर में बाढ़ का पानी उतरते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, प्रभावित गांवों में लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर
जगदलपुर, 26 सितंबर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में हालिया बारिश थमने और बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष स्वास्थ्य अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक रीना लक्ष्मी को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और विशेषज्ञों के सहयोग से उन सभी गांवों में तत्काल विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जहां बाढ़ का पानी कम हो रहा है।
कलेक्टर ने बताया कि जलभराव समाप्त होने के बाद जलजनित और त्वचा संबंधी संक्रामक रोगों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। इसे देखते हुए शिविरों में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण, उल्टी-दस्त, डायरिया, पीलिया तथा टायफाइड जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। साथ ही, जलस्तर घटने के दौरान बिलों से निकलने वाले जहरीले जीवों के कारण सर्पदंश और पशुदंश की आशंका को देखते हुए एंटी-वेनम और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीमें दूरस्थ एवं संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर मरीजों की जांच करेंगी। शिविरों में निःशुल्क दवाइयों के साथ क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जाएंगे। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
प्रशासन ने ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने, ताजा एवं गर्म भोजन करने, घर और आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे