हर घर मुनगा अभियान शुरू, 52 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों में लगेंगे पौधे
सूरजपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। तीजा-पोरा पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ में ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। आज रविवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत हुई। इस दौरान अभियान के लोगो का अनावरण किया गया और पोषण जागरूकता के लिए ‘सुपोषण रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
अभियान के तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण घरों की बाड़ियों में मुनगा के पौधे लगाए और वितरित किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य मुनगा के माध्यम से महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। मुनगा में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विभिन्न विटामिन पाए जाते हैं, जिससे इसे स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होने वाले पोषण स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने में मुनगा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अभियान के माध्यम से परिवारों को अपनी बाड़ी में मुनगा लगाने और उसके उपयोग को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने सप्ताह में कम से कम तीन बार मुनगा फल, भाजी और फूल को भोजन में शामिल करने का आग्रह किया।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य से लेकर गांव स्तर तक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। मंत्रालय स्तर पर विभागीय सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति नीतिगत मार्गदर्शन देगी। जिला स्तर पर कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय समितियां अभियान की निगरानी करेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 7.88 लाख परिवारों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15 मुनगा पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की गई है। पौधों के जीवित रहने, क्षति होने और जरूरत पड़ने पर पुनः रोपण की स्थिति की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अभियान की प्रगति और मैदानी अमले के काम की नियमित समीक्षा की जाएगी।
विभाग के अनुसार ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग की छह प्रस्तावित जनकल्याणकारी योजनाओं के रोडमैप की पहली महत्वपूर्ण कड़ी है। विभाग की ओर से शेष पांच योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है। इन योजनाओं का संबंध महिला सशक्तिकरण, बाल देखरेख और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों से होगा।
मंत्री ने प्रदेशवासियों से तीजा-पोरा के अवसर पर अपने घर की बाड़ी में मुनगा का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। अभियान का उद्देश्य मुनगा को घर-घर तक पहुंचाकर स्थानीय स्तर पर पोषण के प्राकृतिक स्रोत को बढ़ावा देना और स्वस्थ एवं सुपोषित छत्तीसगढ़ की दिशा में काम करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय