कोरबा में तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों के जीवन में गूंजे खुशियों के सुर, कलेक्टर ने दो सप्ताह में पूरा किया वादा

 




कोरबा, 22 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से एक ही परिवार के तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों के जीवन में खुशियों के सुर गूंज उठे। ग्राम तेलसरा के रहने वाले संतोष दास सारथी और उनकी दो बहनों फुलेश्वरी सारथी एवं राखी सारथी की संगीत के प्रति रुचि को देखते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने उन्हें वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का वादा किया था। खास बात यह रही कि कलेक्टर ने महज दो सप्ताह के भीतर अपना वादा पूरा कर तीनों भाई-बहनों को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर प्रदान किया।

दरअसल, कुछ दिनों पहले कलेक्टर कुणाल दुदावत जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ग्राम तेलसरा के पंचायत भवन में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों और जरूरतों से कलेक्टर को अवगत कराया। इसी दौरान एक ही परिवार के तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों संतोष दास सारथी, फुलेश्वरी सारथी और राखी सारथी ने अपनी संगीत प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

तीनों भाई-बहनों की संगीत के प्रति लगन और रुचि को देखते हुए कलेक्टर ने उनकी मांग को गंभीरता से लिया और जल्द ही वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कलेक्टर का यह आश्वासन केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए लगभग दो सप्ताह में उनकी जरूरत पूरी कर दी।

कलेक्टर के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ग्राम तेलसरा पहुंचे और तीनों दृष्टिबाधित भाई-बहनों को हारमोनियम, बांसुरी, झांझ, मंजीरा और ढोलक सहित अन्य आवश्यक वाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही उन्हें चलने-फिरने में सहायता के लिए छड़ी भी प्रदान की गई।

वाद्य यंत्र मिलने से तीनों भाई-बहनों में खुशी का माहौल है। उनके लिए यह सहायता केवल संगीत के उपकरण मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है। अब वे अपनी संगीत साधना को और बेहतर तरीके से जारी रख सकेंगे।

संतोष दास सारथी, फुलेश्वरी सारथी और राखी सारथी ने आज अपनी मांग पूरी होने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि चौपाल में उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और इतने कम समय में उनकी जरूरत पूरी कर दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी