थाना बोधघाट में ‘ज्ञान-बोध’ पुस्तकालय की शुरुआत, प्रतीक्षा के दौरान नागरिक कर सकेंगे अध्ययन
जगदलपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। बस्तर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत एक नई पहल करते हुए थाना बोधघाट में मंगलवार काे ‘ज्ञान-बोध’ पुस्तकालय की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य थाना आने वाले प्रार्थियों और आम नागरिकों के प्रतीक्षा समय का सदुपयोग कर उनमें पठन-पाठन, ज्ञानवर्धन और जागरूकता को बढ़ावा देना है। बोधघाट” में ‘बोध’ का अर्थ जागरूकता से है। इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए “ज्ञान-बोध” का आशय है, ज्ञान के माध्यम से समझ और जागरूकता है। इस पुस्तकालय में थाना आने वाले नागरिक अपनी प्रतीक्षा के दौरान बैठकर विभिन्न ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन कर सकेंगे। बस्तर पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि उनके पास यदि ऐसी पुरानी अथवा उपयोगी पुस्तकें हैं, जिनका वे स्वयं उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो वे अपनी इच्छानुसार थाना बोधघाट पहुंचकर पुस्तकें दान कर सकते हैं। इन पुस्तकों को पुस्तकालय में सुरक्षित रखा जाएगा और थाना आने वाले नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल “पुलिस और जनता के बीच संवाद के साथ-साथ ज्ञान और जागरूकता का सेतु” बनाने की दिशा में एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे