ग्रेफाइट प्लांट के पानी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग
बलरामपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत महावीरगंज में ग्रेफाइट प्लांट से निकलने वाले पानी को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला कथित दूषित और रासायनिक पानी नदी में पहुंच रहा है। इससे नदी के पानी के इस्तेमाल में दिक्कत के साथ मवेशियों और लोगों पर भी असर पड़ने की बात ग्रामीणों ने कही है। समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने रामानुजगंज एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने प्लांट से निकलने वाले पानी की जांच कराने और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
महावीरगंज निवासी इंतेखाब अंसारी ने बताया कि गांव में संचालित ग्रेफाइट प्लांट से निकलने वाला रासायनिक पानी नदी की ओर छोड़े जाने का आरोप है। उनका कहना है कि नदी ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम के साथ मवेशियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पानी दूषित होने की वजह से लोगों को नदी पार करने और नहाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का दावा है कि दूषित पानी के संपर्क में आने से कुछ लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो रही हैं। मवेशियों पर भी इसके असर की बात ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पहले प्लांट प्रबंधन से समस्या दूर करने की मांग की थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। इंतेखाब अंसारी ने कहा कि यदि शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीण आगे धरना प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
रामानुजगंज तहसीलदार मनोज पैकरा ने बताया कि महावीरगंज के ग्रामीणों ने ग्रेफाइट प्लांट से नदी में कथित रूप से दूषित पानी जाने और इससे जनधन को नुकसान होने की शिकायत की है। शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय