मार्कफेड मुख्यालय में ‘सहकारी संगोष्ठी‘ का भव्य आयोजन

 


सहकारिता से ही आएगी किसानों के जीवन में समृद्धि

रायपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। राज्य में मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह (29 जून से 6 जुलाई 2026) के गरिमामयी अनुक्रम में आज गुरुवार काे छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) के नवा रायपुर स्थित मुख्य कार्यालय में एक दिवसीय ‘सहकारी संगोष्ठी‘ का सफल आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय संगोष्ठी में राज्य के कृषि, खाद्य और सहकारिता क्षेत्र के दिग्गज नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञों ने शिरकत की।

मार्कफेड के प्रबंध संचालक ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी माननीय मंत्रियों, विशिष्ट अतिथियों और सहकारी संघ के प्रतिनिधियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी श्गमछाश् पहनाकर और पुष्प गुच्छ से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने राज्य के किसानों की सेवा में मार्कफेड की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मार्कफेड के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी ने कहा कि सहकार से समृद्धि भारत सरकार का प्रमुख दृष्टिकोण और अभियान है जिसका उद्देश्य सहकारी समितियों को मजबूत करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सहकारिता केवल एक नारा नहीं है रह गया है बल्कि यह ग्रामीण भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और आजीविका को बेहतर बनाने का एक माध्यम बन गई है। चाहे डेयरी हो, मत्स्य पालन हो या कृषि उत्पादों का विपणन ,सहकारिता इन सभी क्षेत्रों में पारदर्शिता और आधुनिकीकरण ला रही है।

द्विवेदी ने कहा कि आज रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से जल, वायु, मिट्टी का प्रदूषण बढ़ रहा है। अतः इफको द्वारा लांच किए गए नैनो उर्वरक का ज्यादा ज्यादा किसानों को उपयोग करना चाहिए वरना आज स्वच्छ पीने के पानी के लिए जिस तरह से बिसलेरी की बोतल लेकर घूमना पड़ता है भविष्य में प्रदूषण इतना बढ़ जाएगा कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर लेकर घूमना पड़ेगा। उन्होंने विपणन संघ के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को साझा किया और विभागीय अधिकारियों को पूरी निष्ठा से काम करने के लिए प्रेरित किया।

संगोष्ठी के मुख्य विषय ‘सहकार से समृद्धि‘ पर विचार रखते हुए अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता प्राथमिक सरकारी समिति ने प्राथमिक सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना ब्याज या रियायती दरों पर ऋण वितरण की महत्ता को रेखांकित किया।

कनीराम जी ने सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर मनाये जा रहे सहकारी सप्ताह में अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि सहकारिता ही आमजन के मूल में है। सहकारिता से युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं को रोजगार सृजित होंगे। बिन सहकार, नहीं उद्धार के मूल मंत्र को स्वीकार करते हुए निश्चित रूप से सबको साथ लेकर सही दिशा में काम करने की जरूरत है। राज्य सहकारी संघ के प्राधिकृत अधिकारी सौरभ शर्मा एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेललचंदन ने भी सम्बोधित किया।

तकनीकी सत्र में नाबार्ड और एनसीडीसी के राज्य प्रतिनिधियों ने कृषक उत्पादक संगठन के गठन, उनके वित्तीय लाभों और भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सब्सिडी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे छोटे और सीमांत किसान सामूहिक खेती के जरिए सीधे बड़े बाजारों से जुड़कर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रवीण दुबे, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के उपाध्यक्ष अनिमेष कश्यप, दुर्ग सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष नरेश यदु, सह संयोजक मुरलीधर सिन्हा सहित अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल