जिले में चना उपार्जन अंतिम चरण में, प्रदेश की 40 फीसदी से अधिक खरीदी धमतरी से

 




कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप से दलहन-तिलहन उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन

धमतरी, 09 जून (हि.स.)। समर्थन मूल्य पर चना उपार्जन के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में चना खरीदी का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला प्रशासन और विपणन संघ के समन्वित प्रयासों से खरीदे गए लगभग पूरे चने का सुरक्षित भंडारण वेयरहाउसों में कराया जा चुका है तथा किसानों को भुगतान की प्रक्रिया भी लगभग पूर्ण हो चुकी है। वर्तमान में केवल 104 मीट्रिक टन चना के परिवहन का कार्य शेष है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

इस वर्ष जिले के 9 हजार 103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 मीट्रिक टन चना समर्थन मूल्य पर खरीदा गया, जिनमें से 1 लाख 16 हजार 58 मीट्रिक टन का परिवहन पूर्ण हो चुका है। खरीदी के एवज में आठ हजार 517 किसानों को 63.38 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। तरसींवा, लोहरसी, कुरूद, भखारा, कातलबोड़, छाती, संबलपुर, मगरलोड, नगरी, बोरसी एवं सलोनी उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से यह कार्य सफलतापूर्वक संपादित किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में हुई कुल चना खरीदी का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले धमतरी जिले से प्राप्त हुआ है, जो किसानों की सक्रिय भागीदारी, दलहन उत्पादन के प्रति बढ़ती रुचि तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। इसी बीच राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ वर्ष 2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी प्रदान की गई है। योजना का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। इसके तहत धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को मिलेगा। इससे प्रदेश में दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि, कृषि उत्पादन में विविधता, किसानों की आय में बढ़ोतरी तथा जल संरक्षण आधारित टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में चना उपार्जन कार्य को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपादित किया गया है तथा किसानों से खरीदे गए चने का सुरक्षित भंडारण एवं भुगतान प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कुल चना खरीदी में धमतरी का 40 प्रतिशत से अधिक योगदान जिले के किसानों की मेहनत, कृषि विभाग के मार्गदर्शन और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप से फसल विविधीकरण को नई गति मिलेगी और दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास जैसी फसलों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।

कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि धमतरी जैसे जिलों में चना सहित दलहनी फसलों की बढ़ती खेती और शासन की प्रोत्साहनकारी योजनाएं किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी, जिससे कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा