सुशासन शिविर में अव्यवस्था पर भड़के वार्डवासी

 








धमतरी, 22 मई (हि.स.)। नगर निगम क्षेत्र के सोरिद-जोधापुर वार्ड में आयोजित सुशासन तिहार शिविर शुक्रवार को अव्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर विवादों में घिर गया। शिविर में पहुंचे वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए आवेदनों का अब तक निराकरण नहीं हुआ, जिसके चलते लोगों को फिर से वही समस्याएं लेकर आवेदन जमा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शिविर में सबसे प्रमुख मांग वर्षों से काबिज परिवारों को पट्टा प्रदान करने की रही। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किश्तों के भुगतान में देरी, खुली निकासी नाली को सालभर बाद भी नहीं ढंकने को लेकर भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने आवेदन सौंपे।

शिविर के दौरान लोगों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी खराब रही कि वार्ड पार्षद एवं नगर निगम के उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र देवांगन को जमीन पर बैठकर आम नागरिकों के आवेदन भरने पड़े। यह दृश्य पूरे शिविर की बदहाल व्यवस्था को बयां करता नजर आया। सत्येंद्र देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि पहले से प्राप्त आवेदनों का समाधान नहीं हुआ, तो दोबारा शिविर लगाकर लोगों को बुलाना केवल औपचारिकता प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिविर में मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। वार्डवासी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन लंबित मामलों और अव्यवस्था ने लोगों को निराश कर दिया। कई हितग्राहियों को दोबारा नगर निगम कार्यालय बुलाए जाने पर भी सवाल खड़े किए गए।वार्डवासियों ने मांग की है कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाए और केवल औपचारिक शिविरों के बजाय वास्तविक रूप से जनता को राहत पहुंचाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं:

सोरिद वार्ड के काली मंदिर- सांई मंदिर गली में खुली निकासी नालियां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। यहां भी नाली निर्माण के बाद स्लैब नहीं लगाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षभर में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। खुली नालियों में कई बार बच्चे और मवेशी गिर चुके हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि निकासी नाली निर्माण में शासन के नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन है। इस समस्या की मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। वार्ड के लोगों ने नगर निगम से जल्द से जल्द नालियों को स्लैब से ढंकने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ सुरक्षित रूप से मिल सके। इसी तरह का हाल बठेना वार्ड का है। वार्ड के रहवासी हरिराम सिन्हा, अवंतिका चंद्राकर ने कहा कि बठेना वार्ड में निकासी नालियों का निर्माण शासन के तय निर्देशानुसार नहीं हुआ है। इसके चलते कई लोग दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। नालियों को ढंका नहीं गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा