धमतरी : बारिश के बीच उत्साह से हुआ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

 






-रुद्रेश्वर घाट पर उमड़े श्रद्धालु, छतरियां थामकर भक्तों ने लगाए जयकारे

धमतरी, 25 सितंबर (हि.स.)। दस दिनों तक घरों और सार्वजनिक पंडालों में श्रद्धा और उल्लास के साथ विराजित भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार को शुरू हुआ। लोगों ने उत्साह पूर्वक गणेश मूर्तियों का महानदी और तालाबों में विसर्जन किया।

गणेशोत्सव के अंतिम दिन रुद्रेश्वर मंदिर के पास महानदी घाट पर बरसते पानी के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंचे। बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालु छतरियां थामे गणपति की पूजा-अर्चना करते हुए जयकारे लगाते और भजन गाते हुए घाट तक पहुंचे। धमतरी शहर के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग गणेश प्रतिमाएं लेकर रुद्रेश्वर पहुंचे। गणेश उत्सव समितियों ने बड़ी प्रतिमाओं को ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों में सजाकर विसर्जन स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान रास्ते भर गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे गूंजते रहे। रुद्रेश्वर घाट पर प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए गोताखोरों की भी व्यवस्था की गई थी।

गोताखोर बड़ी प्रतिमाओं को नदी में विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। बारिश के बीच घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अमला सक्रिय रहा। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर निगम धमतरी ने भी व्यापक तैयारियां की हैं। छोटी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शीतला तालाब, खेड़िया तालाब, बनिया तालाब और रत्नाबांधा तालाब को चिन्हांकित किया गया है। इन सभी स्थानों पर नगर निगम का अमला तैनात रहा और कर्मचारी व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए। बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रुद्री स्थित महानदी घाट पर किया जा रहा है। शहर में जगह-जगह से प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निकलती शोभायात्राओं से माहौल भक्तिमय बना रहा। बारिश ने जहां विसर्जन की तैयारियों को चुनौती दी, वहीं श्रद्धालुओं के उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। भक्तों ने नम आंखों से गणपति को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आने की कामना की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा