अंबिकापुर : पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भारी भीड़, घरेलू गैस और परिवहन व्यवस्था चरमराई
अंबिकापुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। खाड़ी देशों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति में आई बाधा का सीधा असर अब सरगुजा जिले के सीतापुर नगर में दिखने लगा है। क्षेत्र के पेट्रोल पंपों और एलपीजी गैस वितरण केंद्रों पर ईंधन की भारी किल्लत के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कमी और स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के कर्मचारियों की हड़ताल ने मिलकर स्थिति को गंभीर बना दिया है।
जिससे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंप 'ड्राई' होने की कगार पर पहुँच गए हैं। अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े लोग किसी तरह अपनी गाड़ियों के लिए ईंधन जुटाने की जद्दोजहद में लगे हैं। पंप संचालकों ने भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तो की हैं, लेकिन आपूर्ति की कमी के आगे वे नाकाफी साबित हो रही हैं।
इस ईंधन संकट का सबसे गहरा प्रहार परिवहन और आम आदमी की जेब पर पड़ा है। लंबी दूरी तय करने वाले मालवाहक वाहनों के पहिये थम गए हैं, जिसका सीधा असर आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। वहीं, सवारी गाड़ियों के संचालकों ने ईंधन की कमी का हवाला देते हुए मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया है। जिन रास्तों का किराया पहले सौ रुपये हुआ करता था, अब वहां यात्रियों से डेढ़ सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं। शादी-ब्याह के इस सीजन में बारात और अन्य आयोजनों के लिए गाड़ियों की बुकिंग महंगी होने से परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
घरेलू मोर्चे पर भी राहत नहीं है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिनों की प्रतीक्षा अवधि और लंबी कतारों ने गृहिणियों की चिंता बढ़ा दी है। विडंबना यह है कि गैस की कमी के कारण जो लोग डीजल चूल्हा इस्तेमाल करने लगे थे, अब डीजल की किल्लत ने उनके सामने भी संकट खड़ा कर दिया है।
इस पूरे मामले पर एसडीएम रामसिंह ठाकुर का कहना है कि ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर की हड़ताल की वजह से आपूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि एक-दो दिनों के भीतर हड़ताल समाप्त होते ही स्थितियां पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह