एकलव्य आवासीय विद्यालय पथरीडीह के 12 विद्यार्थियों ने नीट-2026 में दर्ज की शानदार सफलता

 


धमतरी, 18 जुलाई (हि.स.)। दूरस्थ वनांचल के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि अवसर और संकल्प की मोहताज होती है। नगरी विकासखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, पथरीडीह के विद्यार्थियों ने नीट-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का गौरव बढ़ाया है।

इस वर्ष विद्यालय के 24 विद्यार्थियों ने देश की प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट में हिस्सा लिया, जिनमें से 12 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर नया इतिहास रच दिया। विद्यालय के मेधावी छात्र राधेश्याम ने 388 अंक (88.49 परसेंटाइल) हासिल कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके अलावा डिंपल कंवर (349 अंक), मनीषा (300), पूर्णिमा (300), दयानंद मरकाम (280), दिव्या (271), हरिकेश कुमार (263), सोनम दीवान (244), मेनका (220), प्रीति कश्यप (196), गुंजा (182) तथा आराधना (180) ने भी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। पथरीडीह विद्यालय की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, समर्पित शिक्षकों और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के बल पर वनांचल के विद्यार्थी भी राष्ट्रीयस्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सभी सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल 12 विद्यार्थियों की सफलता नहीं, बल्कि पूरे वनांचल के सपनों को नई उड़ान देने वाली प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये विद्यार्थी भविष्य में कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे और अपने क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेंगे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग विमल साहू ने भी विद्यालय के प्राचार्य नीरज त्यागी, समस्त शिक्षकों और सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे जनजातीय शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया। यह सफलता केवल 12 विद्यार्थियों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वनांचल के हजारों सपनों की जीत है और इसने यह संदेश दिया है कि यदि प्रतिभा को उचित अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वह किसी भी ऊंचाई को छू सकती है। पथरीडीह का एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आज उन हजारों ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है, जो शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा