बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही की तस्वीर दिखने लगी, सहायता राशि के लिए सर्वे जारी
जगदलपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले में भीषण बाढ़ का पानी उतरते ही तबाही की तस्वीर सामने आने लगी है। घरों में जमा मलबा, बिखरा सामान और ढही दीवारों के बीच प्रभावित परिवार अब स्वयं ही अपने आशियाने को फिर से खड़ा करने में जुट गए हैं।
बस्तर जिले में लगभग 07 हजार लोग अब भी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावितों के अनुसार प्रशासन की ओर से अब तक मुख्य रूप से अनाज और कंबल ही मिले हैं। मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए तत्काल 10-10 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की थी, लेकिन यह राशि अब तक प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंची है। हालांकि यह राशि काफी कम है, इतनी रकम तो सामान को समेटने में ही खर्च हो जाएगे।
सहायता राशि जारी करने के लिए राजस्व विभााग का सर्वे तेजी से चल रहा है। इधर बस्तर की खेती काे भी भारी नुकसान हुआ है। केवल सब्जी की ही 400 हेक्टेयर (988 एकड़) की फसलें बर्बाद हो गई हैं। एनएच-30 स्थित लालबाग आमागुड़ा में कई मकान बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह ने प्रभावितों को बांस-बल्ली उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। वहीं जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे