कोरबा में बाढ़ का खतरा बढ़ा, निगम का मुख्य नियंत्रण केन्द्र अलर्ट मोड पर; 24 घंटे निगरानी और 11 राहत केंद्र तैयार
कोरबा, 20 अगस्त (हि. स.)। लगातार हो रही बारिश और हसदेव नदी सहित नगर निगम क्षेत्र के नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिक निगम कोरबा ने आपदा एवं बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को अलर्ट मोड पर कर दिया है।
साकेत भवन स्थित निगम के मुख्य बाढ़ नियंत्रण केन्द्र में 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती की गई है। वहीं शहर की निचली बस्तियों और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगम की टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने गुरुवार को साकेत भवन में स्थापित मुख्य बाढ़ नियंत्रण केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की तैनाती और सूचना तंत्र की स्थिति का जायजा लिया।
आयुक्त ने बाढ़ नियंत्रण कार्यप्रभारी एवं अधीक्षण अभियंता भूषण उरांव को सभी व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त रखने और स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
लगातार बारिश से बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर
कोरबा जिले और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते बांगो बांध और हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ा है। हसदेव नदी के गेट भी खोले गए हैं। निगम क्षेत्र के नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसी बस्तियों और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बनी हुई है।
इसी को देखते हुए नगर निगम ने बाढ़ नियंत्रण एवं राहत व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
तीन पालियों में 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती
साकेत भवन स्थित मुख्य बाढ़ नियंत्रण केन्द्र में तीन पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी समय मिलने वाली आपदा संबंधी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। नियंत्रण केन्द्र से सूचना के आदान-प्रदान के लिए टेलीफोन नंबर 226672 जारी किया गया है। बाढ़ नियंत्रण के प्रभारी अधिकारी अधीक्षण अभियंता भूषण उरांव हैं। उनसे मोबाइल नंबर 97520-94139 पर संपर्क किया जा सकता है।
सातों जोन में अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी
बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से बचाव, सुरक्षा एवं राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए निगम के सभी सात जोन में नियंत्रण उप प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी