धोबीगुड़ा के बाढ़ प्रभावित किसानों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग, सांसद को सौंपा ज्ञापन

 


जगदलपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले की बकावंड तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धोबीगुड़ा के बाढ़ प्रभावित किसानों ने आज बुधवार काे फसलों और मकानों को हुए नुकसान के एवज में मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग को लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप को ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान का हवाला देते हुए प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्राम धोबीगुड़ा के किसानों ने सांसद से आग्रह किया है कि उनकी मांगों को राज्य शासन तक पहुंचाकर प्रभावित कृषक परिवारों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक पहल की जाए।

धोबीगुड़ा के सरपंच संतोष कश्यपने बताया कि इस वर्ष आई बाढ़ के कारण गांव में कई मकान ढह गए, वहीं लगभग 100 प्रतिशत कृषि रकबा पानी में डूबने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। खेतों में करीब छह दिनों तक पानी भरे रहने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के सामने आजीविका और आगामी कृषि कार्यों को लेकर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने बताया कि शासन के नियमानुसार धारा 6-4 के तहत मुआवजा वितरण की प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने खेतों का सर्वे किया। सर्वे के बाद प्रति हेक्टेयर 08 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की जानकारी मिलने पर किसानों ने इस राशि को बाढ़ से हुए नुकसान की तुलना में अपर्याप्त बताया और इसमें वृद्धि की मांग की।

ज्ञापन में किसानों ने प्रत्येक प्रभावित कृषक को पड़ती एकड़ 65 हजार रुपये मुआवजा देने, केसीसी कृषि ऋण माफ करने तथा बैंक खातों से संबंधित ऋण माफी की उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही आगामी रबी फसल की खेती के लिए खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयां और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सकें। किसानों का कहना है कि बाढ़ से फसलें नष्ट होने और मकानों को नुकसान पहुंचने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। ऐसी स्थिति में केवल सीमित मुआवजे से नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा। उन्होंने शासन से नुकसान के अनुरूप राहत राशि निर्धारित करने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे