भोयना में हुए तिहरे हत्याकांड के पांच आरोपितों को आजीवन कारावास
धमतरी घूमने आए रायपुर के तीन युवकों की बेरहमी से आरोपितों ने की थी हत्या
धमतरी, 12 अगस्त (हि.स.)। भोयना के अन्नापूर्णा ढाबा के पास रात में मामूली विवाद पर रायपुर के तीन युवकों की बेरहमी से हत्या करने वाले पांच आरोपियाें को न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं सभी आरोपितों को अर्थदंड से भी दंडित किया है। इस मामले की सुनवाई घटना के एक साल के भीतर हुई है। 11 अगस्त 2025 की रात घटना हुई और 12 अगस्त 2026 में इस मामले की सुनवाई पूरी भी हो गई। इस मामले की डायरी नवंबर 2025 में पेश किया गया था।
न्यायालयीन सूत्रों एवं एसपी कार्यालय धमतरी से मिली जानकारी के अनुसार अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए तिहरे हत्याकांड के बहुचर्चित प्रकरण की सुनवाई न्यायालय में 12 अगस्त को हुई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश धमतरी मोहन सिंह कोर्राम ने इस मामले के सभी पक्षों को सुनने के बाद घटना के एक वर्ष के अन्दर इस मामले के पांच वयस्क आरोपियाें को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है। आरोपियाें में जिन्हें सजा मिली है उसमें मुख्य आरोपी गोपी दीवान 20 वर्ष निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी, कुलेश्वर नेताम 25 वर्ष निवासी ग्राम कोर्रा, थाना भखारा, रणवीर कुमार साहू 20 वर्ष निवासी ग्राम ईर्रा, थाना भखारा, कमलेश ध्रुव 19 वर्ष निवासी आमापारा धमतरी और गौतम दीवान उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम मथुराडीह, थाना अर्जुनी, जिला धमतरी शामिल है।
वहीं इस मामले में संलिप्त तीन विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है। भोयना तिहरे हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी ढाबा कर्मचारी राजा नामदेव ने बताया था कि सभी आरोपी अन्नपूर्णा ढाबा में खाना खाने के लिए आए थे, जो आपस में झगड़ा कर रहे थे और बिना रुपये दिए बाहर निकल गए। इस दौरान धमतरी की ओर से कार में सवार होकर कुछ लोग वहां आए और ढाबा संचालक देबू को है या नहीं, जानकारी लेने लगा। इसी दौरान आरोपियाें ने कार सवारों के साथ झगड़ा शुरू कर दिया और वहां रायपुर निवासी तीन लोगों की दर्दनाक हत्या कर दी। आरोपितों ने ढाबा के कुर्सी भी तोड़े थे और यहां पर करीब आधे घंटे तक तांडव मचाया था। दो लोगों की हत्या ढाबा के सामने ही किया था। वहीं हाईवा चालकों से भी मारपीट किया था। इतना ही नहीं आरोपियाें ने ढाबा में रखे 26000 रुपये की लूट लिया था। रायपुर के तीनों मृतक मध्यम वर्गीय परिवार से थे। मृतकों में सुरेश तांडी और नितिन तांडी कार चालक थे, जिसमें से एक रोजाना एक महिला अधिकारी को लेकर कार से धमतरी आता था। जबकि मृतक आलोक ठाकुर पेटी कांट्रेक्टर था, जिसका काम उस समय रायगढ़ में चल रहा था।
700 पन्नों की चार्टशीट पेश की गई
भोयना तिहरे हत्याकांड मामले में अर्जुनी पुलिस ने न्यायालय में 700 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें घटना से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध थी, जो 11 अगस्त की रात हुई घटना के दौरान पाया गया था। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा कुल आठ आरोपियाें की पहचान की गई, जिनमें पांच वयस्क आरोपी एवं तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल थे। इस गंभीर एवं संवेदनशील तिहरे हत्याकांड की विवेचना में त्वरित कार्रवाई, आरोपियाें की गिरफ्तारी, साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन तथा प्रकरण को न्यायालय में प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू को एसपी भावना पांडेय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
11 अगस्त की रात हुई थी तीन युवकों की हत्या
प्रकरण के अनुसार यह घटना 11 अगस्त 2025 की रात करीब 11:20 बजे ग्राम भोयना स्थित अन्नापूर्णा ढाबा के पास की है। यहां मामूली विवाद को लेकर आरोपियाें एवं मृतकों के बीच गाली-गलौज एवं मारपीट हुई। इस दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने धारदार चाकू से रायपुर के सतोषी नगर और सेजबहार में रहने वाले आलोक सिंह ठाकुर, नितीन टांडी एवं सुरेश हियाल पर प्राणघातक वार किए गए, जिससे तीनों युवकों की मृत्यु हो गई। घटना के दिन तीनों युवक घूमने के लिए धमतरी-सोरम आए थे। रात में दो अन्य दोस्तों के साथ सभी पांच लोग ग्राम भोयना स्थित ढाबा में खाना खाने के लिए पहुंचे थे, इस दौरान आरोपितों ने लूटपाट कर सभी पांचों पर हमला कर घटना को अंजाम दिया था। घटना के दौरान दो युवकों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा